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टोक्यो पैरालंपिक: मां ने आंचल से ढककर सिल्वर पदक विजेता निषाद को पिलाया दूध

Sat, 04 Sep 2021 10:46 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, ऊना

सार


 
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मां पुष्पा ने आंचल से बेटे को ढककर गिलास से दूध पिलाया। - फोटो : अमर उजाला
टोक्यो पैरालंपिक में ऊंची कूद में भारत को रजत पदक दिलाने वाले निषाद कुमार शुक्रवार को करीब डेढ़ साल बाद अपने घर लौटे। हिमाचल-पंजाब सीमा मैहतपुर में पहुंचते ही निषाद का परिजनों और समर्थकों ने बैंड बाजे के साथ भंगड़ा डाल जोरदार स्वागत किया। बेटे से आते ही परिजन खुशी से झूम उठे। भावुक भी हुए। मां पुष्पा के गले मिलते ही दोनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। मां ने अपने बेटे के आंसू पोंछे और खूब दुलार दिया। मां पुष्पा ने आंचल से बेटे को ढककर गिलास से दूध पिलाया। बता दें कि हिमाचल में किसी भी खुशी, शुभ कार्य में जाते-आते या शादी के बंधन में बंधने से पहले दूध पिलाने की परंपरा है। दूध के गिलास को मां आंचल से इसी लिए ढकती हैं है ताकि उनके बच्चे को नजर न लगे। दिल्ली से वीरवार शाम चंडीगढ़ पहुंचे निषाद शुक्रवार सुबह ही नंगल पहुंच गए।
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- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद निषाद हिमाचल-पंजाब सीमा मैहतपुर में करीब सवा 11 बजे पहुंचे। यहां करीब आधे घंटे तक परिजन व प्रशंसक निषाद के इंतजार में पंजाब सीमा की तरफ निहारते रहे और भंगड़ा डालते रहे। निषाद के पहुंचते ही पिता के पास गाड़ी रुकी और उतरकर निषाद ने उनके पांव छूकर आशीर्वाद लिया। निषाद ने अपना पैरालंपिक में जीता मेडल माता पुष्पा देवी के गले में पहनाकर खुशी जताई। मेडल पहने मां के चेहरे ने बेटे की जीत की खुशी खुद व खुद बयां कर दी। बहन रमा ने भी अपने भाई निषाद को रुपये वाला हार पहनाया और भाई को जीत की शुभकामनाएं दीं।
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- फोटो : अमर उजाला
गर्व से फूले पिता रशपाल बेटे से मिलने के लिए पैरालंपिक की टी शर्ट पहनकर पहुंचे थे। जबकि, बहन भी हौसलाफजाई के लिए इसी ड्रेस कोड में थी। निषाद के मैहतपुर पहुंचते ही माहौल खुशनुमा हो गया और बैंड बाजे के साथ अपने लाडले का जोरदार स्वागत किया। मैहतपुर से लेकर उनके पैतृक गांव अंब के बदाऊं तक कई जगह स्वागत कार्यक्रम हुए। 

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- फोटो : अमर उजाला
पिता रशपाल ने कहा कि उन्हें बेटे निषाद पर नाज है। उसके संघर्ष की बदौलत ही मेडल लेकर आज वह ऊना पहुंचा है। उनका नाम आज ऊना, प्रदेश और देश में है। पूरी उम्मीद है कि बेटा आगे भी इससे अच्छा प्रदर्शन करके दिखाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
माता पुष्पा देवी ने कहा कि पैरालंपिक में बेटे निषाद ने कमाल कर दिखाया है। इसके पीछे उसकी और उसके प्रशिक्षकों व गुरुजनों की मेहनत है। बेटे की जीत उनके लिए बेहद अहम है, क्योंकि इसके लिए वह काफी सालों से मेहनत कर रहा था। यह मेहनत अब रंग लाई है।
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- फोटो : अमर उजाला
बहन रमा देवी ने कहा कि यह परिवार के लिए खुशी के पल हैं कि निषाद भारत के लिए रजत पदक लेकर आया है। यह पदक उनके और उनके परिवार के लिए काफी मायने रखता है।
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- फोटो : अमर उजाला
यह पदक निश्चित तौर पर उनके जीवन में एक नया रंग लेकर आया है। रमा देवी भी खुद खिलाड़ी हैं। वह ऊंची कूद समेत अन्य कई तरह के खेलों में रुचि रखती हैं।
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