टोक्यो पैरालंपिक में ऊंची कूद में भारत को रजत पदक दिलाने वाले निषाद कुमार शुक्रवार को करीब डेढ़ साल बाद अपने घर लौटे। हिमाचल-पंजाब सीमा मैहतपुर में पहुंचते ही निषाद का परिजनों और समर्थकों ने बैंड बाजे के साथ भंगड़ा डाल जोरदार स्वागत किया। बेटे से आते ही परिजन खुशी से झूम उठे। भावुक भी हुए। मां पुष्पा के गले मिलते ही दोनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। मां ने अपने बेटे के आंसू पोंछे और खूब दुलार दिया। मां पुष्पा ने आंचल से बेटे को ढककर गिलास से दूध पिलाया। बता दें कि हिमाचल में किसी भी खुशी, शुभ कार्य में जाते-आते या शादी के बंधन में बंधने से पहले दूध पिलाने की परंपरा है। दूध के गिलास को मां आंचल से इसी लिए ढकती हैं है ताकि उनके बच्चे को नजर न लगे। दिल्ली से वीरवार शाम चंडीगढ़ पहुंचे निषाद शुक्रवार सुबह ही नंगल पहुंच गए।