फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरें: बर्फ की 20 फीट ऊंची दीवारों को काटकर बीआरओ ने रिकॉर्ड समय में बहाल किया रोहतांग दर्रा, अभी नहीं जा सकेंगे पर्यटक

Wed, 04 May 2022 02:14 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मनाली (कुल्लू)
विज्ञापन
1 of 5
रोहतांग पास। - फोटो : संवाद
देश-विदेश के पर्यटकों की पसंदीदा सैरगाह रोहतांग को इस साल सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने एक माह पहले ही बहाल कर दिया है। बीआरओ ने करीब 60 किमी मार्ग से 20 फीट(6.096)  ऊंची बर्फ की दीवारों को काटकर समुद्रतल से 13050 फीट की ऊंचाई पर स्थित रोहतांग दर्रा को बहाल किया। हालांकि, अभी यहां वाहनों की आवाजाही नहीं हो सकेगी। स्थानीय प्रशासन सड़क का निरीक्षण करेगा, उसके बाद ही इसकी इजाजत दी जाएगी।  भारी बर्फबारी की वजह से अक्तूबर 2021 से रोहतांग बंद था। पिछले साल 29 मई को इसे बहाल किया गया था।

इस बार बीआरओ ने करीब एक माह पहले मनाली-रोहतांग सड़क मार्ग से बर्फ हटा दी है। बीआरओ ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी है। रोहतांग बहाल होने से पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी राहत मिली है। मनाली आने वाले सैलानी रोहतांग का दीदार किए बिना नहीं रहते। बर्फ से लकदक रहने वाली रोहतांग की वादियों में अठखेलियां करने के लिए पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
विज्ञापन

2 of 5
रोहतांग दर्रा। - फोटो : संवाद
एसडीएम मनाली डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि रोहतांग दर्रे से बीआरओ ने बर्फ हटाने का कार्य पूरा कर लिया है। प्रशासन की टीम जल्द इस मार्ग का निरीक्षण करेगी।
 
विज्ञापन

3 of 5
रोहतांग दर्रा का नजारा। - फोटो : संवाद
सड़क और मौसम की स्थिति के आधार पर इस मार्ग पर पर्यटक वाहनों को जाने की अनुमति दी जाएगी।

4 of 5
रोहतांग दर्रा। - फोटो : संवाद
रोजाना 1,200 वाहनों को ही जाने की अनुमति
रोहतांग के दीदार परमिट लेने के बाद ही किए जा सकेंगे। एनजीटी के आदेशानुसार रोहतांग के लिए रोजाना लगभग 1,200 वाहनों को ही जाने की अनुमति मिलती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
चोटियों पर ताजा बर्फबारी। - फोटो : संवाद
वहीं, मनाली और लाहौल-स्पीति की ऊंची चोटियों में मंगलवार को बर्फ के फाहे गिरने और बारिश होने से निचले इलाकों में तापमान लुढ़क गया है। इस कारण घाटी शीतलहर बढ़ गई है। पर्यटन नगरी मनाली सहित ऊझी घाटी में मंगलवार दोपहर को हुई बारिश ने किसानों और बागवानों की भूमि को तर कर दिया है। बारिश होने से सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों को राहत मिली है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें