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40 के बाद हर महिला को जाननी चाहिए सेहत से जुड़ी ये बातें

Fri, 31 Jul 2020 08:39 AM IST
अपराजिता शुक्ला लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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premature menopause
40 साल की उम्र पूरी होने के बद महिलाओं के शरीर में अहम बदलाव आना शुरू हो जाते हैं। जिनका सीधा कनेक्शन मेनोपॉज से जुड़ा होता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं मेनोपॉज की वजह से होने वाली समस्याओं को जानें और उनका सही इलाज खोज सकें। तो चलिए जानें 40 साल की उम्र के बाद होने वाली सेहत से जुड़ी परेशानियां।
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premature menopause
सामान्यत 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं के जीवन में पीरियड का चक्र पूरा होना शुरू हो जाता है। लेकिन इसके पूरा होने की प्रक्रिया किसी महिला में 40 के तुरंत बाद तो किसी के 50 के करीब आने पर होती है। इसलिए हर महिला में इससे जुड़ी परेशानियां अलग-अलग समय पर देखी जा सकती हैं। लेकिन ये दिक्कतें लगभग एक जैसी ही होती हैं। 

 
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इसमें गर्भाशय में प्रजनन क्षमता से जुड़ा हार्मोंस एस्ट्रोजन बनना बंद हो जाता है। महिलाओं में इस स्टेज के आने से पहले ही काफी सारे लक्षण नजर आने लगते हैं। जिन्हें प्रीमेनोपॉज कहते हैं।




 

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- फोटो : social media
प्री मेनोपॉज के समय महिलाओं को अनियमित माहवारी, हॉट फ्लैशेस यानी की अचानक से गर्मी का अनुभव होना होता है। इसी के साथ ही पसीना निकलना, मूड बदलना होता है। वहीं यूरिन से जुड़ी परेशानियां भी उन्हें परेशान करती हैं। वहीं त्वचा में ड्राईनेस, खुजली और बालों का झड़ना शामिल है। लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं इस तरह की परेशानी से गुजरती हैं।
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बहुत बार महिलाओं को मेनोपॉज से जुड़ी इन समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं होती और उन्हें कई सारी बीमारियां घेर लेती हैं। जिसमें हड्डियों के कमजोर होने के साथ दिल की बीमारी तक होने का खतरा होता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं खुद की सेहत का खूब ख्याल रखें।





 
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जरूरी है कि महिलाएं अपने प्री मेनोपॉज के समय से पहले ही कुछ जरूरी टेस्ट करवा लें। जैसे एनीमिया की जांच, ऑस्टियोपिरोसिस की जांच, डायबिटीज, डिप्रेशन और एन्जाइटी की जांच बहुत जरूरी है। शरीर को मेनोपॉज के लिए तैयार करना बहुत जरूरी है। महिलाओं के लिए जरूरी है  कि वो अपने शरीर का ख्याल रखें, सही खानपान और एक्सरसाइज के जरिए इस तरह की समस्याओं से आसानी से निपटा जा सकता है। मेनोपॉज में होने वाले मूड स्विंग को भगाने के लिए जरूरी है कि महिलाएं योग का सहारा लें।

 
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 बहुत सारी महिलाएं इनमें से किसी न किसी लक्षण की शिकार होती है। इसलिए जरूरी है कि उनके पास इसकी सही जानकारी हो जिससे कि वो शरीर की परेशानियों से सही ढंग से निपट सकें।
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