राजस्थान के जयपुर में दलित महिला शिक्षिका को जिंदा जलाने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने सरकार से जवाब मांग है। एनसीएससी ने मुख्य सचिव को लिखे पत्र में सात दिन के अंदर मामले में दर्ज एफआईआर की प्रति, मुआवजे की राशि और जांच से संबंधित रिपोर्ट देने के लिए कहा है। साथ ही आयोग ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में जवाब नहीं दिया गया तो अदालत के जरिए सम्मन जारी किया जाएगा।
इधर, शिक्षिका अनीता की हत्या में पुलिस की भी लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि शिक्षिका अनीता के जिन लोगों को ढाई लाख रुपये उधार दिए थे, उन्होंने रुपये वापस मांगने पर शिक्षिका के साथ मारपीट और अभद्रता की थी। जिसे लेकर अनीता ने 7 मई को रायसर थाने में केस दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। परिवार वालों का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो अनीता आज जिंदा होती।