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लखनऊ जू की शान है तीन हजार साल पुरानी इजिप्शियन ममी, विदेशी शासकों की भारी भरकम प्रतिमाएं हैं निराली

Sat, 18 May 2019 04:57 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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इजिप्शियन ममी - फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस शनिवार को मनाया जा रहा है। लखनऊ के राज्य संग्रहालय में दुर्लभ मिस्र की ममी के अलावा चाचा नेहरू का जहाज, बुद्धा ऐशेज से लेकर नायाब डेढ़ लाख सिक्कों का जखीरा भी है। संग्रहालय के पास अपना ढाई लाख की कृतियों का कलेक्शन भी है। इसका बड़ा भाग वीथिकाओं में हैं। राज्य संग्रहालय के पुस्तकालय में 16 हजार से अधिक दुर्लभ पुस्तकें हैं।
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लखनऊ जू - फोटो : अमर उजाला
राज्य संग्रहालय की स्थापना तत्कालीन कमिश्नर कर्नल एल्बर्ट ने 1863 में की थी। लाल बारादरी में यह 1883 में शुरू हुआ। 1963 में यह प्राणि उद्यान के नए भवन में आया। टिकट की कीमत के लिहाज से राज्य संग्रहालय की सैर फिलहाल पूरे देश में सबसे सस्ती है। यहां टिकट दर एक दशक से भी अधिक समय से पांच रुपये ही बरकरार है। साल में लगभग 3 लाख दर्शकों की आमद यहां होती है। इजिप्ट सी झलक के साथ यहां देश की पहली ‘इजिप्शियन ममी’ गैलरी है। इसे यहां पिरामिड के आकार की नई डवलप गैलरी में देखा जा सकता है। मिस्त्र का अहसास कराने को गैलरी के एंट्री गेट पर ही स्फ्रिंक्स, अंदर खजूर के पेड़ों और शाही सेवकों की फौज भी है। म्यूरल्स की ऐसी लंबी चेन बनाई गई है, जो मिस्त्र में घूमने का अहसास कराती है।
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लखनऊ जू - फोटो : अमर उजाला
जार्ज पंचम, लंदन की क्वीन विक्टोरिया समेत कई विदेशी शासकों की सूरत कदकाठी वाली धातु और संगमरमर की प्रतिमाओं की गैलरी भी खुद में अनोखी है। संग्रहालय परिसर में बनी विदेशी शासकों की वीथिका में मौजूद शासकों की धातु, पत्थर से बनी लगभग दो दर्जन से अधिक प्रतिमाएं मौजूद हैं। जो देश के अन्य संग्रहालय में न के बराबर पाई जाती हैं। यहां घूमने आए दर्शकों का पहला आकर्षण होता है हवाई जहाज राजहंस। लगभग 36 सालों से यह लखनऊ जू स्थित राज्य संग्रहालय में खड़ा है। इससेे पहले कभी पूर्व प्रधानमंत्री चला करते थे।

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लखनऊ जू - फोटो : अमर उजाला
संग्रहालय की प्रमुख गैलरियां
- पुरातत्व वीथिका (पाषाण काल से कुषाण काल तक)
- पुरातत्व वीथिका (गुप्त काल से मध्यकालीन समय तक)
- जैन कला वीथिका
- अवध की नवाबी कला वीथिका
- मुद्रा वीथिका
- अस्त्र शस्त्र धातु कला वीथिका
- चित्रकला वीथिका
- प्राकृतिक विज्ञान वीथिका
- विदेशी शासकों की वीथिका
- बुद्ध वीथिका
- थंकाचित्रों की वीथिका
- - मिस्त्र की करीब तीन हजार साल पुरानी ममी गैलरी

 
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डेमो
संग्रहालय की प्रमुख कृतियां
- मथुरा एवं गांधार कला में निर्मित बौद्ध धर्म की मूर्तियां
- दुर्लभ मुद्राएं
- महत्वपूर्ण पांडुलिपियां
- प्राकृतिक विज्ञान की वीथिका में रखे सैकड़ों प्रकार की कृतियां
- तांबे की मानवाकृति
- बलराम एवं पंचमुखी शिव
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