दोस्त बनाने और उल्लास मनाने का दिन
एसबीआई के डीजीएम पीके दास कहते हैं कि संक्रांति पर्व सूर्य की आराधना का पर्व है। चावल और केले का प्रसाद चढ़ाते हैं। घर को फूलों से सजाते हैं। छोटे बच्चों के लिए यह दिन खास है, क्योंकि इस दिन हुई दोस्ती जीवनभर निभाई जाती है। 5 से 10 साल के बच्चे, जो आपस में दोस्त बनना और बनाना चाहें, वे प्रसाद लेकर उसके घर चले जाते हैं और कहते हैं कि तुम मेरे मकर हो। जीवन भर इस दोस्त को नाम के बजाय मकर के नाम से पुकारा जाता है। (तस्वीर में- आशीर्वाद, प्रशांत, आद्रामनी, आशुतोष, दीपाली)