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जानें, कैसे खेला जाता है पोलो, देखें 10 बेहतरीन तस्वीरें

Sat, 14 Nov 2015 09:58 PM IST
खेल संवाददाता/अमर उजाला, लखनऊ
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पहले सेमीफाइनल में शहंशाह को 4-1 से करारी मात देकर बुलंद हौसलों के साथ खिताबी मुकाबले में उतरने वाले सुल्तान ने अवध पोलो कप का ताज जीत लिया। एकतरफा फाइनल में टीम ने अवध वॉरियर्स को 8-2 से शिकस्त दी।
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वैसे तो मुकाबले में सुल्तान का पलड़ा भारी रहा, लेकिन वॉरियर्स के लिए अर्जुन पाटिल ने अपने कौशल से सभी को अपना मुरीद बना लिया। प्रतियोगिता के समापन पर मध्य कमान के लेफ्टिनेंट जनरल रवीन्द्र प्रताप शाही (एवीएसएम) ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कृत किया।

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पहला चक्कर- शुरुआती मिनट में सुल्तान को 40 गज की दूरी से पेनाल्टी मिली, लेकिन विजय सिंह का शाट गोलपोस्ट से बाहर चला गया। कुछ ही देर में विजय ने सुल्तान के काउंटर अटैक को गोल में बदलते हुए टीम को 1-0 से आगे कर दिया। पांचवें मिनट में बिट्टू ने गोल करते हुए सुल्तान की बढ़त को 2-0 तक पहुंचा दिया। चक्कर खत्म होने से ठीक पहले इलियास ने गोल करते हुए स्कोर को 3-0 कर दिया।

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दूसरा चक्कर- 0-3 से पिछड़ रहे वॉरियर्स दूसरे चक्कर में भी दबाव में दिखे। दूसरे ही मिनट में बिट्टू ने गोल के साथ सुल्तान को 4-0 से आगे कर दिया। कुछ ही देर बाद सुल्तान को 30 गज से पेनाल्टी मिली, जिसे विजय सिंह ने गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की।
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इस तरह मध्यांतर तक सुल्तान की टीम ने 5-0 की विशाल बढ़त हासिल कर ली। वॉरियर्स के खिलाडिय़ों में अर्जुन पाटिल को छोड़कर अन्य कोई खिलाड़ी सुल्तान को टक्कर नहीं दे सका।
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तीसरा चक्कर- साढ़े सात मिनट के इस चक्कर में अर्जुन पाटिल ने अपने खेल से सुल्तान के खिलाडिय़ों को सोचने पर विवश कर दिया। वॉरियर्स की पेनाल्टी मिस होने के बाद अर्जुन ने बेहतरीन रिबाउंड शॉट खेलकर सुल्तान की बढ़त को 1-5 से कम किया। हालांकि, यह खुशी बहुत अधिक देर तक नहीं रह सकी। इलियास ने दूसरा व्यक्तिगत गोल करते हुए स्कोर को 6-1 तक पहुंचा दिया। कुछ ही देर बाद विजय ने बाएं छोर से बेहतरीन गोल करके टीम को 7-1 से विशाल बढ़त दिला दी।
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चौथा चक्कर- मैच के अंतिम चक्कर में भी सुल्तान और वॉरियर्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। पहला गोल सुल्त्तान के नाम रहा, जो विजय का चौथा व्यक्तिगत गोल था। मैच का अंतिम गोल वॉरियर्स के स्टार रहे अर्जुन पाटिल के नाम रहा। उनके इस गोल की बदौलत वॉरियर्स ने गोल अंतर को 2-8 से कम किया। इसके बाद कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी और सुल्तान ने अवध पोलो कप में खिताबी जीत दर्ज की।

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टीम लाइनअप (हैंडीकैप पाइंट के साथ)
सुल्तान
विजय सिंह +2
इलियास अली -1
बिट्टू -2
जीसी लखेरा -2
अवध वॉरियर्स
अर्जुन पाटिल +2
अनिरुद्ध -2
जीसी जोधा -2
संधू -1

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कुछ यूं खेला जाता है पोलो
तकरीबन एक घंटे वाले इस मुकाबले को 300 मीटर लंबे और 200 मीटर चौड़े मैदान में खेला जाता है। आमतौर पर प्रति मैच चार चक्कर होते हैं। प्रत्येक चक्कर की अवधि साढ़े सात मिनट की होती है। पांच-पांच मिनट के तीन ब्रेक होते हैं।
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हर चक्कर में खिलाड़ी अपने घोड़े को बदलता है, ताकि नया घोड़ा तेज दौड़कर मुकाबले का रोमांच बनाए रखे। ऐसे में हर खिलाड़ी को चार घोड़ों का उपयोग करना होता है। घोड़ों और सवार की सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपकरण लगाए जाते हैं। गेंद को खास तौर की प्लास्टिक से तैयार किया जाता है और हिट करने वाली स्टिक को 'मैलेट' कहते हैं।
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