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अवध बाढ़: नेपाल के पानी से अवध के 600 गांव बाढ़ में डूबे, घरों व खेतों में भरा पानी, तस्वीरें

Sat, 23 Oct 2021 02:15 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
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- फोटो : amar ujala
पहाड़ों पर बारिश और नेपाल के छोड़े पानी के चलते अवध में 600 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। अयोध्या, गोंडा, बाराबंकी, सीतापुर और बहराइच में सैकड़ों लोगों के घरों व खेतों में पानी भर गया है। लोग सड़कों व तटबंधों पर आसरा लिए हुए हैं। शुक्रवार को जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह ने हेलीकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वेक्षण किया।

सीतापुर : शारदा व सरयू के तेज बहाव से तंबौर में बंधा कटने से 40 गांवों में पानी घुस गया है। लालपुर-तंबौर मार्ग को बंद करना पड़ा। बिसवां, लहरपुर व महमूदाबाद तहसील के 120 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

बाराबंकी : तीन तहसीलों के सवा सौ गांव बाढ़ की चपेट में हैं। लोग तटबंधों पर शरण लिए हुए हैं। मार्गों पर पानी भरने से गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।

गोंडा : तरबगंज में दो जगहों पर हाईवे पर सरयू का पानी दौड़ रहा है। कटान के चलते नवाबगंज से लखनऊ जाने वाले मार्ग पर आवागमन ठप कर दिया गया है। करनैलगंज में सरयू खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर बह रही है।
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बाढ़ में डूबी फसल का जायजा लेता गुनौली का किसान। - फोटो : amar ujala
अयोध्या : सरयू खतरे के निशान से 41 सेमी ऊपर बह रही है। करीब दो सौ गांव बाढ़ में घिरे हैं।

बहराइच : महसी, कैसरगंज, मोतीपुर और नानपारा तहसील के 125 गांवों में पानी भरा है। जरवल में एल्गिन ब्रिज खतरे के निशान से 82 सेमी ऊपर बह रही है।
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बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में फंसी गर्भवती महिला को डॉक्टरों द्वारा रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचाया गया। - फोटो : amar ujala
बाढ़ में फंसी गर्भवती महिला का किया गया रेस्क्यू
बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर बाढ़ क्षेत्र भयकपुरवा निवासी मीना पत्नी केशवराम को शुक्रवार दोपहर पेट में दर्द शुरू हो गया। उसको डिलीवरी होनी थी। मगर गांव के चारों तरफ पानी ही पानी था। इसकी सूचना दूरभाष से परिजनों ने सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर संतोष सिंह को दी। इसके बाद डॉक्टर महिला स्टाफ के साथ व बांध पर लगे गोताखोरों को लेकर के नाव से भयकपुरवा गांव पहुंचे। जहां से महिला को रेस्क्यू करके उसको बाहर निकाला और बांध पर लगी एंबुलेंस से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। वहां पर उसका इलाज कराया गया और उसकी डिलीवरी भी अस्पताल में हुई।

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बाराबंकी के सिरौलीगौसपुर क्षेत्र में भरा पानी। - फोटो : amar ujala
बाराबंकी की तीन तहसीलों के करीब सवा सौ गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं। यहां के लोग तटबंधों पर शरण लिए हुए हैं। शुक्रवार को नदी का पानी सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए खतरे के निशान से 77 सेंमी. ऊपर पहुंचने के साथ बढ़ता ही जा रहा है। गांवों को आने जाने वाले मार्गों पर पानी भर जाने से वहां का संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। इससे इन गांवों में फंसे लोगों को नावों के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने का कार्य किया जा रहा है। तराई के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। जिससे तराई के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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सीतापुर के रामपुर मथुरा इलाक में जलमग्न गांव। - फोटो : amar ujala
तराई इलाके में उफनाई शारदा व सरयू नदी ग्रामीणों पर कहर बनकर टूट रही है। पानी के तेज बहाव में बसंतापुर व देवपालपुर के बीच बना बांध बह गया। इससे करीब 40 गांवों के अंदर पानी पहुंच गया। फसलें जलमग्न हो गई हैं। न तो घर में खाना पकाने के लिए सूखी जमीन बची है और न ही शौच का कोई साधन है। सबसे खराब हालात तंबौर के बन गए हैं। लालपुर-तंबौर मुख्य मार्ग के ऊपर पानी बह रहा है। इस रूट को एहतियात तौर पर बंद कर दिया गया है। सीएचसी तंबौर व पॉवर हाउस के अंदर तक पानी पहुंच गया है। हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। दुर्गापुरवा का अस्तित्व मिटने के कगार पर आ गया है। नदियां खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। तीन तहसीलों के 120 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। तराई इलाके में उफनाई नदियां बिसवां, लहरपुर व महमूदाबाद तहसील में अपना कहर बरपा रही हैं। तंबौर संवाद के अनुसार बाढ़ से हालात बेकाबू हो गए हैं। बीती रात बसंतापुर व देवपालपुर के बीच बाढ़ व कटान रोकने के लिये सिंचाई विभाग द्वारा बनवाया गया बांध करीब पांच सौ मीटर तक कट गया। इससे तेज रफ्तार पानी ने क्षेत्र में तबाही मचा दी है।
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सीतापुर में तंबौर से लहरपुर जाने वाली सड़क पर सोहरिया से सुमली तक चल रहा एक फिट ऊंचा पानी। - फोटो : amar ujala
बसंतापुर, कोल्हुआपुरवा, देवपालपुर, मोगलापुर, आलमपुर, औरंगाबाद, दुबाई, चंदीभानपुर, अकबरपुर, लखनीपुर, भानपुर, मानपुर, बिस्वाखुर्द, बैठूपूर्वा, ककरहा, रोहा, चांदीखेरा, बेहटा, सुमली, कुम्हारनपुरवा, रमुआपुर, जनकपुर, खैरी पट्टी, बरसिंघवा, सुजावलपुर, रजनापुर, सेतुही, क्योटना व नन्हूई समेत करीब 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों के हालात बहुत ही खराब हैं। यहां खाना बनाने की जगह तक नहीं बची है और न ही पीने के लिए साफ पानी है।

बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बह रहा है कि दोपहर तक कस्बे के मोहल्ला आजाद नगर व नवाब साहबपुरवा के मकानों के आसपास के साथ ही गांजर कॉलेज, मंडी परिसर, पॉवर हाउस व सीएचसी परिसर में पानी भर गया। गांजर इंटर कॉलेज से लेकर सुजावलपुर तक करीब पांच किलोमीटर, तंबौर से बिसवांखुर्द होकर अकबरपुर तक करीब चार किलोमीटर, तंबौर से छतांगुर होकर देवपालपुर तक करीब चार किलोमीटर सड़क के दोनों तरफ एक से दो फीट तक पानी बह रहा है। सभी बाढ़ग्रस्त गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हैं।
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