सीतापुर में तंबौर से लहरपुर जाने वाली सड़क पर सोहरिया से सुमली तक चल रहा एक फिट ऊंचा पानी।
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बसंतापुर, कोल्हुआपुरवा, देवपालपुर, मोगलापुर, आलमपुर, औरंगाबाद, दुबाई, चंदीभानपुर, अकबरपुर, लखनीपुर, भानपुर, मानपुर, बिस्वाखुर्द, बैठूपूर्वा, ककरहा, रोहा, चांदीखेरा, बेहटा, सुमली, कुम्हारनपुरवा, रमुआपुर, जनकपुर, खैरी पट्टी, बरसिंघवा, सुजावलपुर, रजनापुर, सेतुही, क्योटना व नन्हूई समेत करीब 40 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन गांवों के हालात बहुत ही खराब हैं। यहां खाना बनाने की जगह तक नहीं बची है और न ही पीने के लिए साफ पानी है।
बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बह रहा है कि दोपहर तक कस्बे के मोहल्ला आजाद नगर व नवाब साहबपुरवा के मकानों के आसपास के साथ ही गांजर कॉलेज, मंडी परिसर, पॉवर हाउस व सीएचसी परिसर में पानी भर गया। गांजर इंटर कॉलेज से लेकर सुजावलपुर तक करीब पांच किलोमीटर, तंबौर से बिसवांखुर्द होकर अकबरपुर तक करीब चार किलोमीटर, तंबौर से छतांगुर होकर देवपालपुर तक करीब चार किलोमीटर सड़क के दोनों तरफ एक से दो फीट तक पानी बह रहा है। सभी बाढ़ग्रस्त गांवों के संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हैं।