फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विशेषज्ञ ने दी सलाह, बोले- सिर में दर्द, गुस्सा और दिनभर बैचेनी रहे तो खाना खाकर एक घंटे सो जाएं

Thu, 02 Jul 2020 05:10 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 6
- फोटो : amar ujala
कोरोना काल में हर स्तर पर सावधानी बरतने की जरूरत है। बिना मास्क के बाहर न निकलें, हाथों को धोते रहें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। इससे कोरोना ही नहीं अन्य बीमारियां भी पास नहीं आएंगी। यह सलाह डॉक्टर्स डे पर अमर उजाला की ओर से आयोजित वेबिनार में डॉक्टरों ने दी। इस मौके पर केजीएमयू के दंत चिकित्सा विशषेज्ञ डॉ. एपी टिक्कू, महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता देव, लोहिया संस्थान के मनोचिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. देवाशीष शुक्ला, पीजीआई के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव जैन, सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक फिजीशियन डॉ. आशुतोष दुबे मौजूद रहे। पेश हैं पाठकों के प्रमुख सवाल और उनके जवाब...।

 
विज्ञापन

2 of 6
डॉ एपी टिक्कू - फोटो : amar ujala
पान मसाला खाने से यदि मुंह नहीं खुल रहा है तो चिकित्सक को जरूर दिखाएं

सवाल- दांतों में कीड़े लग रहे हैं, दांत टेढ़े मेढ़े हैं, कुछ में दरारें भी पड़ गई हैं। ऐसे में क्या करें?  - राकेश, संजय, मोहित, प्रिया
जवाब- ब्रश सीधे करने के बजाय उसे ऊपर-नीचे करके करना चाहिए। दोनों वक्त ब्रश करें। कोई भी मीठी चीज खाएं तो पानी लेकर कुल्ला कर लें। टेढ़े मेढ़े दांतों के लिए वायर लगता है। दरारों के लिए दंत चिकित्सक से जांच कराएं। 

सवाल- मुझे पायरिया की दिक्कत है। दांत भी हिल रहे हैं। क्या करें? - वृजराज सिंह
जवाब- दांतों के हिलने के कई कारण होते हैं। चिकित्सक से जांच कराएं ताकि पता चल सके कि इसकी वजह क्या है। पायरिया के लिए मुंह की नियमित सफाई करें। कुछ दवाएं दी जाती हैं, जिससे आराम मिल जाता है।

सवाल- पहले मैं पान मसाला खाता था। मुंह के आंतरिक हिस्से में सफेदी बन गई है। मुंह नहीं खुलता है? - चौधरी सुमित
जवाब- पान मसाला खाना पूरी तरह बंद कर दें। यह मुंह के कैंसर को बढ़ावा देता है। यदि मुंह नहीं खुल रहा है तो चिकित्सक को दिखा लें। मुंह के आंतरिक हिस्से का टाइट होना और सफेदी दिखना खतरनाक लक्षण हो सकते हैं।
विज्ञापन

3 of 6
डॉ देवाशीष शुक्ला - फोटो : amar ujala
सिर में दर्द, गुस्सा और दिनभर बेचैनी रहे तो खाना खाकर एक घंटे सो जाएं

सवाल-  पिताजी की डिप्रेशन की दवा चल रही है। पहले से चल रही दवा को बंद करें या चलने दें? - रोहित
जवाब- यदि कोई दिक्कत नहीं है तो वही दवा चलने दें। अब लॉकडाउन खुल गया है। इसलिए अपने डॉक्टर को एक बार दिखा लें। 

सवाल- मेरे सिर में दर्द रहता है। गुस्सा बहुत आता है। बेचैनी रहती है, नींद नहीं आती है? - नीतिश शर्मा
जवाब- खाना खाने के एक घंटे बाद सो जाएं। सोने का वक्त निर्धारित कर लें। बेडरूम में मोबाइल, टीबी न रखें। रात में नींद न आए तो किताबें पढ़ें। सुबह शाम व्यायाम करें। इसके बाद भी समस्या है तो चिकित्सक को दिखाएं।

 सवाल- मेरी मां को भूलने की बीमारी हो रही है। ऐसे में क्या करें? - प्रेम प्रकाश
 जवाब- उम्रदराज लोगों में भूलने की समस्या हो सकती है। चिकित्सक को दिखाएं। 

  सवाल-  इंटर में मेरे अंक कम आए हैं। इसे लेकर घबराहट हो रही है। क्या करूं? - रोहित
  जवाब- घबराएं नहीं। अगली बार ज्यादा नंबर लाने की तैयारी में जुट जाएं। अभी तो आपकी शुरुआत है। इसलिए हौसला बनाए रखें।

 सवाल-  बातचीत के दौरान कई बार मैं तेज-तेज बोलने लगता हूं। क्या करूं? - शंकर लाल
 जवाब- यह बाईपोलर की वजह से भी होता है। इसमें कई बार व्यक्ति तेज बोलने लगता है तो कई बार तेजी से हंसने लगता है। मनोचिकित्सक को दिखाएं, कुछ दवाएं लेनी पड़ती हैं।

 

4 of 6
डॉ वैभव जैन - फोटो : amar ujala
कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते वक्त अगर आंखों में जलन हो तो हर घंटे बाद 10 मिनट का ब्रेक जरूर लें

सवाल- पढ़ाई के दौरान मेरी आंखों में जलन होने लगती है। क्या करूं? - उज्ज्वल
जवाब- कंप्यूटर या लैपटॉप पर काम करते वक्त हर एक घंटे बाद 10 मिनट का ब्रेक लें। साफ पानी से आंखों को धुलें। इसके बाद भी समस्या बनी रहती है तो आई लुब्रिकेंट का इस्तेमाल करें।

सवाल- बारिश के मौसम में आंखों से लसलसा पदार्थ निकलता है। यह कोई बीमारी तो नहीं? - शिवम
जवाब- मौसम में नमी आने पर इस तरह की समस्या आती है। आंखों को साफ पानी से धुलते रहें। इसके बाद लाली बढ़ती है अथवा सूजन होती है तो चिकित्सक को दिखा लें। एंटी फंगल ड्रॉप लेना पड़ता है।

सवाल- मेरे चश्मे का नंबर बढ़ रहा है। क्या करूं? - शालिनी
जवाब- कम उम्र के लोगों में चश्मे का नंबर बढ़ना गंभीर बात है। इसमें खानपान का ध्यान रखना होता है। कई बार रेटिना में समस्या से भी दिक्कत होती है। एक बार जांच करा लें। हर व्यक्ति को साल में एक बार जांच करा लेनी चाहिए।
  
सवाल-  ग्लूकोमा से बचने के लिए क्या करें, इसका क्या है इलाज? - सुरेंद्र बहादुर

जवाब- आंखों की नसों में लगातार तनाव बढ़ते रहने से कुछ समय बाद ग्लूकोमा की समस्या हो जाती है। अब इसका इलाज आसान है। यह शुरुआती दौर में पता नहीं चलता है। इसलिए जब भी आंखों में किसी तरह की समस्या हो, चिकित्सा विशेषज्ञ को दिखा लेना चाहिए। जांच से शुरुआती दौर में ही पता चल जाता है तो दवाओं से ठीक हो जाता है।

सवाल- मेरे पिता जी का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ है। अब आंख में खुजली हो रही है? - बबिता
जवाब- मोतियाबिंद के ऑपरेशन से इसका कोई सीधा संबंध नहीं है। कई बार मौसम बदलने के दौरान इस तरह की समस्या होती है। एक बार दिखा लें।
विज्ञापन

5 of 6
डॉ सुजाता देव - फोटो : amar ujala
कोरोना काल में प्रेग्नेंसी प्लान से बचना ही बेहतर

सवाल- बच्चेदानी का ट्यूमर है, क्या सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है? - रीना
जवाब- ट्यूमर कई तरह का होता है। आजकल फाइब्राइड को भी ट्यूमर समझ लेते हैं। सर्जरी ट्यूमर के साइज, समय और हालात पर निर्भर करती हैं। गांठों का ट्यूमर होने पर सर्जरी करनी पड़ सकती हैं, यह जांच के बाद ही तय होगा।

सवाल-  माहवारी अनियमित है क्या करूं?  - प्रियंका
जवाब- यदि माहवारी की शुरुआती अवस्था है तो यह एक सामान्य स्थिति है। यदि उम्र आपकी 45 या इससे ज्यादा है तो यह मीनोपाज की स्थिति हो सकती है। यदि मध्य की उम्र हैं तो कुछ हार्मोनल बदलाव, जीवन शैली के कारण भी ऐसा हो सकता है। यदि बार-बार दिक्कत आ रही है तो महिला रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

सवाल- कोरोना काल में प्रेग्नेंसी प्लान करनी चाहिए या नहीं? - अनु
जवाब-
यदि कोई इमरजेंसी न हो तो इससे बचें। क्योंकि कोविड-19 के दुष्प्रभाव संक्रमित कर रहे हैं। यदि प्रेग्नेंसी हो गई है तो उसे जारी रखें।

सवाल- यूटीआई की दिक्कत बार-बार हो जाती है, क्या करूं? - गीता
जवाब- 
साफ-सफाई में लापरवाही से संक्रमण होता है। खासकर महिलाएं ज्यादा ग्रसित होती है। इसलिए जरूरी है कि साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पानी की कमी भी यूटीआई का एक बड़ा कारण है।

सवाल- किट से जांच में प्रेग्नेंसी क्लियर हुई थी। दो महीने बाद से पीरियड आने लगे, क्या करूं? - स्मिता
जवाब- ऐसी स्थिति में डाॅक्टर से मिलें। हो सकता है कि बच्चेदानी की झिल्ली की कोई दिक्कत हो, पर यह जांच के बाद ही कहा जा सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
डाॅ आशुतोष दुबे - फोटो : amar ujala
रोज व्यायाम और पौष्टिक आहार से बढ़ेगी इम्युनिटी

सवाल- कोरोना से लड़ने के लिए अपनी इम्युनिटी कैसे बढ़ाएं? 
जवाब- पौष्टिक चीजें खाएं। सुबह-शाम व्यायाम व योग करें। घर में तैयार होने वाले मसालों का भरपूर सेवन करें। अदरक, तुलसी, लौंग, नीबू हमारी इम्युनिटी को बढ़ाते हैं।
 
सवाल- डॉक्टर ने मुझे फैटी लिवर बताया है। किस तरह की सावधानी की जरूरत है? - संजय सिंह
जवाब- फैटी लिवर को लेकर बहुत परेशान न हों। यह ज्यादातर लोगों को होता है। कुछ सावधानी व दवाओं से ठीक हो जाता है। नशा न करें। ज्यादा तेल न खाएं। तली हुई चीजों से परहेज करें।

 सवाल- लॉकडाउन के दौरान टीका नहीं लग पाया है। ऐसे में क्या अब लगवाना ठीक रहेगा? - रोमी मिश्रा
 जवाब- अब सभी अस्पतालों में टीके लग रहे हैं। जो टीके अभी तक नहीं लग पाए हैं, उन्हें लगवा लें। इससे किसी तरह की समस्या नहीं होगी।

 सवाल-  मुझे शुगर है। पैरों में झनझनाहट होती है। कई बार चक्कर भी आता है। क्या करूं? - पूनम ओझा
 जवाब-  शुगर को नियंत्रित रखें, सभी समस्याओं का हल मिल जाएगा। शुगर नियंत्रित होने के बाद भी झनझनाहट बनी रहती है तो चिकित्सक को दिखाएं। इसमें न्यूरो से संबंधित कुछ दवाएं लेनी पड़ती हैं।

सवाल- सुबह सोकर उठने पर उल्टी मालूम होती है। सीने में जलन सी रहती है। क्या करूं? - शिवानी
जवाब- रात के वक्त हल्का खाना खाएं। सोने से एक घंटे पहले खाना खा लें और कुछ देर टहल लें। इसके बाद भी समस्या बनी रहे तो चिकित्सक को दिखा लें। एसिड कंट्रोल करने वाली कुछ दवाएं दी जाती हैं।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें