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सरकारी अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर ने युवती से की दुष्कर्म की कोशिश, केस दर्ज

Wed, 01 Aug 2018 03:42 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ के रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल में मंगलवार सुबह आयुष केंद्र की ओपीडी में उपचार कराने आई युवती से मेडिकल अफसर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने रेप की कोशिश की। जांच के बहाने मेडिकल अफसर युवती को कमरे में ले गए और दबोच लिया। युवती ने चीख-पुकार मचाई तो साथ आई छोटी बहन ने कमरे में आकर विरोध किया। इससे बौखलाए डॉक्टर ने दोनों की पिटाई कर दी। जानकारी पाकर आए परिवारीजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया।

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डॉक्टर की पिटाई करने के साथ ही वहां तोड़फोड़ की और दवाएं फेंक दीं। जानकारी पाकर पहुंची तालकटोरा पुलिस दोनों पक्ष को पकड़कर थाना ले आई। यहां पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ रेप की कोशिश और मारपीट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई, जबकि अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके चौधरी ने 10 अज्ञात महिला-पुरुषों पर मारपीट-तोड़फोड़ सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कराया है। पुलिस छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

प्रभारी निरीक्षक संजय पांडेय ने बताया कि युवती राजाजीपुरम में रहती है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे वह अपनी बड़ी बहन के साथ अस्पताल आई और ओपीडी में पर्चा बनवाकर आयुष मेडिकल अफसर डॉ. वीरेंद्र कुमार से उपचार कराने चली गई। आरोप है कि डॉक्टर ने चेकअप के बहाने युवती को कमरे में बुलाकर ले गया। वहां उसने युवती से दुष्कर्म की कोशिश की। युवती के फोन पर पहुंचे घरवालों ने डॉक्टर को जमकर पीटा। बीच-बचाव के लिए गार्ड रामेश्वर दयाल, राजू व नर्सें पहुंचीं तो उनसे भी मारपीट की। अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

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पुलिसकर्मियों से भी हुई हाथापाई

अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद का हाल - फोटो : amarujala
इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों से भी हाथापाई की गई। यहां दोनों पक्ष ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मारपीट-तोड़फोड़ करने वाले छह लोगों को हिरासत में ले लिया है। इसमें दो महिलाएं हैं। अस्पताल में करीब डेढ़ घंटे तक चले हंगामा व बवाल के चलते इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक सेवाएं ठप हो गईं। डॉक्टर व स्टॉफ ओपीडी छोड़कर बवाल को शांत कराने में लगे थे। इस दौरान यहां आए मरीज व तीमारदार डॉक्टर के इंतजार में पड़े तड़पते रहे। मरीजों का कहना है कि दोपहर करीब एक बजे बाद डॉक्टर दोबारा ओपीडी में वापस आए। इसके बाद मरीजों का इलाज शुरू हो सका।
 

मारपीट करने वालों पर कार्रवाई न होने से डॉक्टरों में रोष

- फोटो : amarujala
अस्पताल में पूर्व में तैनात एक स्थाई वार्ड ब्वॉय पर महिला मरीज ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसे लेकर वहां पर हंगामा हुआ था। अफसर इस मामले को निपटा गए थे। वहीं आरोपी वार्ड ब्वाय पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।अस्पताल में घुसकर डॉक्टर व स्टॉफ से मारपीट करने वालों पर कार्रवाई न होने से डॉक्टरों में काफी रोष है। डॉक्टरों का कहना है कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई न हुई तो वह इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर कार्य बाधित कर सकते हैं। 181 आशा ज्योति केंद्र की प्रभारी अर्चना ने बताया कि पीड़िता ने घटना की शिकायत की तो हमारी टीम की सदस्य श्वेता, संघमित्रा व दीपिका मौके पर पहुंचीं। वहां एसओ ने अभद्रता की। बाद में इसकी शिकायत एसपीआरए से की गई तब उनके दखल पर मामला शांत हुआ। 
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मामले पर ये कहते हैं मेडिकल अफसर

अस्पताल में तोड़ फोड़ के बाद का हाल - फोटो : amarujala
युवती के आरोप गलत हैं। वह ओपीडी में आई थी, उसको स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास रेफर कर किया था। वह अल्ट्रासाउंड लिखने के लिए बोल रही थी, मना करने पर वो विवाद करने लगी। इसके बाद उसने अपने परिवारीजनों को बुलाकर हंगामा, मारपीट व तोड़फोड़ किया। - डॉ. वीरेंद्र कुमार , आयुष मेडिकल अफसर, रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल 
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