obsessive love disorder
इरोटोमेनिया मतलब एकतरफा प्यार
इरोटोमेनिया बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को अक्सर ऐसा भ्रम होता है कि सामने वाला उससे प्यार करता है, जबकि असल में ऐसा नहीं होता। इरोटोमेनिया की वजह से भी ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर होने का खतरा बढ़ जाता है। इस डिसऑर्डर से पीड़ित व्यक्ति ज्यादातर मामलों में आपराधिक हथकंडे अपनाता है।
कब लें डॉक्टर की मदद?
काउंसलिंग और थैरेपी के जरिए ऑब्सेसिव लव डिसऑर्डर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आमतौर पर काउंसलिंग या थैरेपी के शुरुआती पांच-छह सेशन में ही इसका असर कम होने लगता है और धीरे-धीरे इंसान सामान्य अवस्था में लौटने लगता है। आपको लगे कि कोई शख्स आपको हद से ज्यादा प्रभावित कर रहा है और आपको दिक्कत हो रही है तो फौरन ही डॉक्टर या किसी नजदीकी व्यक्ति की मदद लेनी चाहिए।
अगर आपके रोजमर्रा के कामों जैसे कि खाने-पीने और नींद में किसी एक व्यक्ति की वजह से खलल पड़ रहा है, तो किसी सलाहकार की आवश्यकता है।