मातृत्व, दुनिया का सबसे सुखद एहसास माना जाता है। कोख में बच्चे को पालने से लेकर जन्म के बाद उसके पालन पोषण करने का अनुभव किसी भी स्त्री के जीवन के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक होता है। बच्चे के लिए मां का दूध अमृत माना जाता है, सेहत के लिहाज से इस दूध में कई तरह की ऐसी पौष्टिकता समाहित होती है जो बच्चे के जीवन के समग्र विकास का निर्धारण करती है। कई अध्ययनों से स्पष्ट होता है कि मां का दूध ही बच्चे का सबसे पहला आहार होना चाहिए, पर समाज में रुढ़िवादिता का चलते अब भी सार्वजनिक रूप से स्तनपान कराना शर्म का विषय माना जाता है। हाल ही में बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा ने इस विषय पर मुखर होकर आवाज उठाई है।
हाल ही में मां बनीं दीया मिर्जा कहती हैं, स्तनपान बच्चे के लिए कितना आवश्यक है, हम सभी इससे वाकिफ हैं, लेकिन आज भी सार्वजनिक रूप से स्तनपान कराने में महिलाएं काफी असहज महसूस करती हैं। समाज के इस नजरिए को बदलने की आवश्यकता है। सर्वेक्षणों से पता चला है कि भारत में केवल 6 फीसदी महिलाएं ही सार्वजनिक स्तनपान करने में असहजता का अनुभव नहीं करती हैं।