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महामारी विशेषज्ञ से जानिए: देश में कोरोना की रफ्तार पर कब लगेगा ब्रेक? क्या अभी पीक आना बाकी है?

Mon, 10 May 2021 12:29 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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कब शांत होगा कोरोना का कहर - फोटो : Pixabay
डॉ दीपक सक्सेना
महामारी विशेषज्ञ (आईआईपीएच गांधीनगर)

 
कितना अच्छा हो, हम एक सुबह जगें और पता चले कि अब देश से कोरोना वायरस पूरी तरह से खत्म हो चुका है। पर ऐसी सुबह कौन सी होगी? अभी इसके लिए लोगों को और कितना इंतजार करना होगा? और कोरोना की दूसरी लहर अभी और कितने लोगों को अपनी चपेट में लेगी? इस समय में देश के सभी लोगों के मन में इन सवालों के जवाब जानने की इच्छा है।
फिलहाल, मौजूदा समय में लौटते हैं। कोरोना वायरस का संक्रमण पूरे देश को अपनी चपेट में ले चुका है। पिछले चार दिनों से हर रोज संक्रमितों का आंकड़ा चार लाख को पार कर चुका है। हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, लोगों के मन में बस एक ही बात जानने की इच्छा है, आखिर यह महामारी कब खत्म होगी?
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कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं - फोटो : ANI
विशेषज्ञों ने दिए अच्छे संकेत
महामारी अभी और कितने दिनों तक लोगों के लिए मुसीबत बनी रहेगी? इस बारे में जानने के लिए हमने आईआईपीएच गांधीनगर में महामारी विशेषज्ञ डॉ दीपक सक्सेना से बातचीत की। डॉ दीपक कहते हैं कि देश में फिलहाल हालात काफी चिंताजनक हैं लेकिन हमें बेहतर की उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए। कुछ आंकड़े यह बता रहे हैं कि हमें जल्द ही राहत भरी खबर मिल सकती है।
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इस माह के अंत तक दिख सकते हैं अच्छे संकेत - फोटो : Social media
मई के मध्य तक सुधर सकते हैं हालात 
डॉ दीपक सक्सेना कहते हैं कि अब तक मिल रहे आंकड़े बताते हैं कि देश के 180 जिलों में पिछले एक हफ्ते में एक भी मामले सामने नहीं आए हैं। कई राज्यों में भी कोरोना के मामलों में गिरावट देखने को मिली है। फिलहाल हमारे लिए यह आंकड़े सुकून देने वाले हैं। देश में वैक्सीनेशन का भी प्रभाव दिखना शुरू हो गया है, ऐसे में कहा जा सकता है कि मई के मध्य से देश में कोरोना के मामले कम होने लगेंगे।

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कई राज्यों से कम आ रहे हैं कोरोना के मामले - फोटो : iStock
'जहां हालत गंभीर थे, वहां सुधार हो रहा है'
महामारी विशेषज्ञ डॉ दीपक कहते हैं कि कई ऐसे शहर जहां कुछ महीने पहले हालात बहुत खराब थे, वहां अब मामलों में कमी देखी जा रही है। अहमदाबाद, सूरत, इंदौर, नासिक जैसे शहरों में पीक पहले ही आ चुका है, अब वहां स्थिति सुधर रही है साथ ही कोरोना के मामलों में भी कमी देखी जा रही है। कुछ शहरों में, जहां मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं, उम्मीद की जा रही है कि मई के अंत तक वहां भी हालत सुधर जाएंगे। इन आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि मई अंत या जून के शुरुआती हफ्तों में महामारी की रफ्तार थम सकती है।
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कोविड के दूसरी लहर की पीक को लेकर किया अलर्ट - फोटो : pixabay
क्या है पीक को लेकर विशेषज्ञों की राय? 
दूसरी लहर की पीक को लेकर विशेषज्ञों के अलग-अलग मत हैं। एक ओर जहां डॉ दीपक कहते हैं कि हमें हर राज्य और उसके शहरों के हिसाब से पीक को देखना चाहिए। कुछ शहरों में पीक पहले ही आ चुका है, अब वहां स्थिति सुधर रही है और कोरोना के मामलों में भी कमी देखी जा रही है।
वहीं दूसरी ओर 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी' (आईआईटी) हैदराबाद के प्रोफेसर मथुकुमल्ली विद्यासागर ने ब्लूमबर्ग से एक बातचीत में बताया कि हम कह सकते हैं कि आने वाले दिनों में करोना की दूसरी लहर का पीक आ सकता है। देश को इसे लेकर सावधान रहने की सख्त जरूरत है।
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दूसरी हर में सेकेंडरी अटैक रेट भी बढ़ा - फोटो : PTI
क्या है दूसरी लहर का सेकेंडरी अटैक रेट?
सेकेंडरी अटैक रेट का मतलब है कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले कितने लोगों को संक्रमण हो सकता है। इस बारे में डॉ दीपक सक्सेना कहते हैं कि कोरोना की दूसरी लहर में जहां सेकेंडरी अटैक रेट 4 फीसदी के करीब था वही दूसरी लहर में  बढ़कर 50-60 फीसदी के करीब हो गया है। यानी कि यदि एक संक्रमित के संपर्क में 100 लोग आते हैं तो उनमें से लगभग 60 लोगों को संक्रमण होने का डर रहता है।
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नोट: यह लेख आईआईपीएच गांधीनगर में महामारी विशेषज्ञ डॉ दीपक सक्सेना से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
 
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