डायबिटीज को स्वास्थ्य विशेषज्ञ सबसे गंभीर रोगों में से एक मानते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि यह रोग शरीर को धीरे-धीरे खोखला बनाती जाती है, डायबिटीज के कारण रोगियों में कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इस बीच डायबिटीज से होने वाले खतरों को लेकर अध्ययन कर रही वैज्ञानिकों की एक टीम ने बड़ा खुलासा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि गर्भकालीन मधुमेह से भ्रूण को गंभीर नुकसान हो सकता है। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि भले ही इंसुलिन या अन्य माध्यम से शुगर को स्तर को नियंत्रित रखा जाए तो भी यह समस्या भ्रूण को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।
गर्भकालीन मधुमेह, डायबिटीज का एक ऐसा प्रकार है जिसका पहली बार निदान गर्भावस्था के समय में ही होता है। गर्भकालीन मधुमेह में ब्लड शुगर की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है जो गर्भवती और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन (यूएमएसओएम) के शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के माध्यम से स्थिति के बारे में सभी को विशेष सावधान रहने को कहा है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में और विस्तार से जानते हैं।