कोरोना महामारी ने वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य को कई प्रकार से प्रभावित किया है। संक्रमण के दौरान जहां लोगों में गंभीर रोगों का खतरा अधिक देखा गया वहीं ठीक हो चुके लोगों में लंबे समय तक बनी लॉन्ग कोविड की दिक्कतें स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता बढ़ा रही हैं।
अध्ययनों में पाया गया है कि कोविड से ठीक हो चुके लोगों में
एक साल से अधिक समय तक भी वायरस के अंश मौजूद हो सकते हैं, इसके अलावा लॉन्ग कोविड में रोगियों में हार्ट, फेफड़ों और
ब्रेन से संबंधित दिक्कतें देखी जा रही हैं। कोविड के दुष्प्रभावों को जानने के लिए हाल ही में किए एक अध्ययन में इसके एक और गंभीर स्वास्थ्य जोखिम को लेकर सावधान किया गया है।
अध्ययन में विशेषज्ञों ने कहा कोविड महामारी ने दुनियाभर में लोगों की औसत जीवन प्रत्याशा (लाइफ एक्सपेक्टेंसी) को करीब 1.6 साल तक कम कर दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा ये कोविड के सबसे गंभीर दुष्प्रभावों में से एक है।