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Covid-19: शरीर की प्रतिरक्षा को चकमा दे रहे हैं नए वैरिएंट्स, क्या एक बार फिर पड़ेगी बूस्टर डोज की जरूरत?

Sun, 10 Sep 2023 12:51 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना के नए वैरिएंट्स के लिए टीके - फोटो : Pixabay
दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए वैरिएंट्स के कारण संक्रमण का जोखिम काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। एरिस (EG.5) और पिरोला (BA.2.86) जैसे वैरिएंट्स की संक्रामकता अधिक देखी गई है साथ ही इसमें अतिरिक्त म्यूटेशंस के कारण इसे आसानी से शरीर की प्रतिरक्षा को चकमा देने वाला भी पाया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 55 से अधिक देशों में नए वैरिएंट पिरोला के कारण संक्रमण के मामले बढ़े हैं। अस्पताल में संक्रमण के शिकार लोगों और मृतकों की संख्या में भी पिछले एक महीने में इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को नए वैरिएंट्स से संक्रमण से बचाव के लिए प्रयास करते रहने चाहिए। 

कोरोना के नए वैरिएंट्स के कारण बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों और इसकी प्रकृति को देखते हुए वैज्ञानिकों ने अपडेटेड वैक्सीन भी बना ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मॉडर्ना और फाइजर कंपनी ने नए वैरिएंट्स को लक्षित करने वाले टीके बना लिए हैं, जिसके अक्तूबर तक आ जाने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या सभी लोगों को नए अपडेटेड वैक्सीन की जरूरत होगी? आइए जानते हैं कि इस बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों का क्या कहना है?
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कोरोना के नए वैरिएंट्स का खतरा - फोटो : istock
नए वैरिएंट्स के जोखिमों को लेकर चेतावनी

अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि कोरोना के नए वैरिएंट्स, ओमिक्रॉन के ही सब-वैरिएंट्स है ऐसे में इसके कारण गंभीर रोग विकसित होने का खतरा कम है। हालांकि जिन लोगों की रोग प्रतिरोध क्षमता कम है या फिर जिन्हें कोमोरबिडिटी की समस्या रही है उनमें इसके कारण गंभीर रोग विकसित होने का खतरा अधिक हो सकता है।
इसके अलावा शोधकर्ताओं ने पाया कि ज्यादातर लोगों को पिछला टीका लिए या फिर संक्रमण का शिकार हुए लंबा समय बीत चुका है, जिसके कारण कई देशों में संक्रमण की स्थिति बढ़ती हुई देखी जा रही है।

इस तरह की स्थितियों ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या एक बार फिर से सभी लोगों को बूस्टर वैक्सीन लेने की आवश्यकता पड़ेगी?
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बूस्टर डोज की हो रही है जरूरत - फोटो : Istock
क्या कहती हैं विशेषज्ञ?

बूस्टर वैक्सीन की जरूरतों के लेकर रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के वैक्सीन सलाहकार समूह में यह फिर से चर्चा का विषय बना हुआ है।  एमोरी यूनिवर्सिटी की बायोस्टैटिस्टिशियन और टीकों के मूल्यांकन में विशेषज्ञता रखने वाली नताली डीन कहती हैं, वैरिएंट्स में जारी म्यूटेशंस को देखते हुए अपडेटेड टीकों की आवश्यकता महसूस हो रही है, पर सभी के लिए फिलहाल इसकी आवश्यकता नहीं है।

दो साल पहले जब काफी तेजी से महामारी फैला था, उस समय टीकों के कारण गंभीर बीमारी और मृत्यु के मामलों में नाटकीय रूप से सुधार देखा गया था, हालांकि अब की स्थिति काफी अलग है। 

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प्रतिरक्षा को चकमा दे रहे हैं नए वैरिएंट्स - फोटो : Pixabay
सभी लोगों को बूस्टर वैक्सीन की जरूरत नहीं?

वैज्ञानिकों की टीम कहती है, BA.2.86 वैरिएंट का संक्रमण कई देशों में बढ़ा है, इसके स्पाइक में असामान्य रूप से म्यूटेशंस की संख्या अधिक है जिसके कारण ये एंटीबॉडी को अधिक प्रभावी ढंग से चकमा देने में सफल हो रहा है। वेइल कॉर्नेल मेडिसिन के इम्यूनोलॉजिस्ट जॉन मूर कहते हैं, यह वैरिएंट चिंता बढ़ाने वाला बना हुआ है, हालांकि इसके लिए सभी लोगों को बूस्टर शॉट देने की जरूरत महसूस नहीं है। टीके सिर्फ वैरिएंट के कारण होने वाले संक्रमण को कम करते है, पर ओमिक्रॉन जैसे इन नए सब-वैरिएंट्स को लेकर इसकी जरूरत अधिक महसूस नहीं की जा रही है। 
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कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण - फोटो : PTI
क्या कहते हैं सीडीसी विशेषज्ञ?

सीडीसी विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना के नए अपडेटेड शॉट्स के रूप में बूस्टर वैक्सीन की जरूरत कुछ ही लोगों को हो सकती है। यदि आप बुजुर्ग हैं, आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है या फिर ऐसी चिकित्सीय स्थितियों के शिकार हैं जो आपको वायरस से होने वाले संक्रमण के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बनाती हैं तो आपको बूस्टर शॉट लेने की जरूरत हो सकती है। हालांकि इसकी प्रभाविकता को लेकर अभी और अधिक अध्ययनों की आवश्यकता है। 



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स्रोत और संदर्भ
Should I get a COVID-19 booster?

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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