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प्रोस्टेट कैंसर: ऐसे लोगों को विशेष सावधान रहने की जरूरत, जानिए इसके लक्षण और बचाव के तरीके

Sat, 25 Sep 2021 03:45 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को समझिए - फोटो : istock
पिछले दो-तीन दशकों में दुनियाभर में कई तरह के कैंसर के मामलों में तेजी से इजाफा देखने को मिला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो जिस तरह से हमारी जीवनशैली खराब होती जा रही है, यह कई प्रकार के गंभीर रोगों को जन्म दे सकती है। प्रोस्टेट कैंसर की समस्या भी ऐसी ही है। साल 2019 के अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुमान के मुताबिक हर साल प्रोस्टेट कैंसर के लगभग 174,650 नए मामलों के निदान हो रहे हैं जिसमें से 31 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। हर 9 में से 1 पुरुष को प्रोस्टेट कैंसर का खतरा होता है वहीं हर 41 में से यह एक की मौत का कारण बन सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक यदि सही समय पर इस समस्या का निदान हो जाए तो इसकी गंभीरता को कम करके सफल इलाज किया जा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक प्रोस्टेट ग्रंथि में यह कैंसर विकसित होता है। प्रोस्टेट, पुरुषों में अखरोट के आकार की एक छोटी सी ग्रंथि होती है जो वीर्य का उत्पादन करती है। इस कैंसर का जितना जल्दी पता चल जाए, इसके सफल उपचार की संभावना उतनी ही अधिक हो सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में इस कैंसर के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को न करें अनदेखा - फोटो : iStock
प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण
डॉक्टरों के मुताबिक प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती चरणों के दौरान अक्सर कोई लक्षण नहीं दिखाई देते हैं, हालांकि स्क्रीनिंग के माध्यम से कैंसर का पता लगाया जा सकता है। जिन पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर होता है, उनमें निम्न प्रकार के लक्षण देखे जा सकते हैं।
  • पेशाब करने में कठिनाई।
  • रात के समय में बार-बार पेशाब की इच्छा होना।
  • मूत्र या वीर्य के साथ रक्त आना। 
  • पेशाब करते समय दर्द।
  • अगर प्रोस्टेट बढ़ गया है तो बैठने में दर्द होना। 
  • कमर में तेज दर्द। 
  • वजन कम होना और थकान महसूस होना।
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प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को समझिए - फोटो : istock
प्रोस्टेट कैंसर क्यों होता है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक आमतौर पर ग्रंथि की कोशिकाओं में विशिष्ट परिवर्तन के कारण प्रोस्टेट कैंसर विकसित हो सकता है। प्रोस्टेट ग्रंथि में कैंसर कोशिकाओं को प्रोस्टेटिक इंट्रापीथेलियल नियोप्लासिया (पिन) कहा जाता है। 50 वर्ष से अधिक आयु के 50 फीसदी पुरुषों में पिन की समस्या का खतरा रहता है। कुछ डॉक्टरों का मानना है कि प्रोस्टेट की कोशिकाओं के डीएनए में होने वाले बदलाव के कारण प्रोस्टेट कैंसर हो सकता है। जिन लोगों के परिवार में किसी को यह समस्या रह चुकी हो उनमें प्रोस्टेट कैंसर विकसित होने का खतरा अधिक होता है। 

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प्रोस्टेट कैंसर का इलाज जरूरी - फोटो : istock
प्रोस्टेट कैंसर का क्या इलाज है?
डॉक्टरों के मुताबिक प्रोस्टेट कैंसर का उपचार कई अन्य कारकों के अलावा इस बात पर निर्भर करता है कि कैंसर किस चरण में है? कैंसर के निदान के लिए डॉक्टर डिजिटल रेक्टल इग्जाम, प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट, एमआरआई जैसे परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं। यदि स्थिति तेजी से बढ़ रही है तो सर्जरी के माध्यम से प्रोस्टेट को निकाला जा सकता है। कुछ रोगियों को रेडिएशन या हार्मोन थेरपी की भी आवश्यकता हो सकती है। 
 
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प्रोस्टेट कैंसर से बचाव के करें उपाय - फोटो : Pixabay
प्रोस्टेट कैंसर से कैसे बचाव करें?
डॉक्टरों के मुताबिक कुछ बातों को ध्यान में रखते हुए प्रोस्टेट कैंसर से बचाव किया जा सकता है। विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन करें। फलों और सब्जियों में कई विटामिन और पोषक तत्व होते हैं जो आपको स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं। वजन को नियंत्रित रखें और नियमित रूप से व्यायाम करें। सबसे जरूरी चीज, यदि आपमें प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत इस बारे में डॉक्टर की सलाह ले लें। 

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स्रोत और संदर्भ: 
Prostate cancer

अस्वीकरण नोट: यह लेख सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) द्वारा साझा की गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। ज्यादा जानकारी के लिए आप अपने चिकित्सक से संपर्क कर सकते हैं।
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