Medically reviewed by-
डॉ शुचिन बजाज
निदेशक
उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स
पिछले डेढ़ साल से दुनियाभर में जारी कोरोना की महामारी का अब भी कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। कोरोना वायरस में लगातार हो रहे म्यूटेशन इसे और भी संक्रामक और घातक बनाते जा रहे हैं, यही कारण है कि इस वक्त हर जगह संभावित तीसरी लहर को लेकर चर्चा हो रही है। वैज्ञानिकों के मुताबिक कोविड वैक्सीन सुरक्षा देने में काफी मददगार साबित हो सकती हैं लेकिन वैक्सीन ले चुके लोगों को भी लगातार कोविड से सुरक्षा के नियमों का पालन करते रहना चाहिए। जब तक पूरी दुनिया से कोरोना का संक्रमण पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता है लोगों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनने, सामाजिक दूरी का ख्याल रखने के साथ हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
हाल ही में हुए कई अध्ययनों में कहा जा रहा है कि कोरोना के नए म्यूटेटेड वैरिएंट्स के संक्रमण से बचने के लिए अच्छे और कसे हुए मास्क पहनकर रखना चाहिए। भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान डबल मास्किंग लगाने की सलाह दी गई, वहीं कुछ डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से सुरक्षा देने में गुणवत्ता ग्रेड एन95 मास्क ज्यादा प्रभावशाली हो सकते हैं। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि कोरोना की तीसरी लहर से सुरक्षित रखने के लिए कौन सा मास्क ज्यादा कारगर माना जा सकता है? एन95 मास्क या डबल मास्किंग?