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कोविड से ठीक हो रहे लोगों को सता रही है यह गंभीर समस्या, जानिए लक्षण और बचाव के तरीके

Sat, 22 May 2021 06:44 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पोस्ट कोविड सिंड्रोम नींद की समस्या - फोटो : Pixabay
डॉ सत्यकांत त्रिवेदी
मनोरोग विशेषज्ञ
भोपाल


कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण और तेजी से हो रही मौत के मामले, गंभीर चिंता का कारण बने हुए हैं। पिछले कुछ महीने हम सभी के लिए किसी 'रोलर कोस्टर राइड' से कम नहीं रहे हैं। यह उन लोगों के लिए और भी कठिन हो गया है जो पहले से ही मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से परेशान हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना, लोगों को शारीरिक और मानसिक दोनों ही तरह से प्रभावित कर रहा है। अपनों से न मिल पाने, परिवार में संक्रमण की आशंका, आर्थिक और सामाजिक चुनौती जैसे तमाम विषयों को लेकर अनिश्चितता के माहौल ने लोगों में अनिद्रा की समस्या उत्पन्न कर दी है।
डॉक्टर बताते हैं कि कोविड से ठीक होने के बाद ज्यादातर लोग अनिद्रा की शिकायत कर रहे हैं। इसे पोस्ट कोविड सिंड्रोम के रूप में देखा जा रहा है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि कोविड से ठीक होने के बाद अनिद्रा को कैसे दूर किया जा सकता है और कौन सी आदतें अनिद्रा को बढ़ावा दे सकती हैं?
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मानसिक समस्या और अनिद्रा के बढ़े मामले - फोटो : Pixabay
कोविड से रिकवरी और नींद की समस्या
कोविड से रिकवरी के बाद हो रही मानसिक समस्याओं और अनिद्रा के बारे में जानने के लिए अमर उजाला ने वरिष्ठ मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी से बात की। डॉ सत्यकांत बताते हैं कि कोविड कई तरह से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को ट्रिगर करने के अलावा लोगों में अनिद्रा का कारण भी बन रहा है। तमाम तरह की अनिश्चितताओं के चलते मस्तिष्क में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जोकि हमारी स्लीप साइकल को प्रभावित कर देती है, जिसके चलते लोगों को नींद की समस्या हो सकती है।
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नींद न आना गंभीर समस्या है - फोटो : Pixabay
कहीं आप भी अनिद्रा के शिकार तो नहीं?
डॉ सत्यकांत बताते हैं कि जिन लोगों को अनिद्रा की समस्या होती है उनको अच्छी नींद नहीं आती है। इससे न सिर्फ कोविड की रिकवरी प्रभावित होती है, साथ ही यह कई अन्य तरह की समस्याओं को जन्म दे सकता है। नींद न आना, नींद का बार-बार टूटना या सोने के बावजूद  तरोताजा महसूस न होना अनिद्रा का संकेत हो सकता है।

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चिंता, तनाव और अकेलापन के कारण नींद की दिक्कतें हो रही हैं - फोटो : Social media
कोविड के बाद क्यों हो रही है नींद संबंधी दिक्कतें?
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत बताते हैं कि कोविड के बाद लोगों को अनिद्रा की दिक्कत होने के कई कारण हो सकते हैं। कोविड के समय में चिंता, तनाव और अकेलापन,  गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने का डर लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर रहा है, जोकि इस तरह की समस्याओं का कारण बन सकती है। इसके अलावा कोविड के दौरान स्टेरॉयड के इस्तेमाल के चलते भी नींद की समस्याएं देखी जी रही हैं।
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कोविड की रिकवरी भी हो सकती है प्रभावित - फोटो : Pixabay
अनिद्रा की समस्या से कैसे पा सकते हैं छुटकारा
डॉ सत्यकांत बताते हैं कि जिन लोगों को कोविड से ठीक होने के बाद अनिद्रा की समस्या हो रही है, उन्हें इस बारे में डॉक्टर से बात करनी चाहिए। बीमारी से तेज रिकवरी के लिए पर्याप्त नींद लेना जरूरी है, इसमें होने वाली बाधा आपकी रिकवरी को भी प्रभावित कर सकती है। इससे बचने के लिए नींद में सुधार लाने वाले उपायों को करना बहुत आवश्यक है। रोगियों को दिन के समय नहीं सोना चाहिए, इससे भी रात की नींद प्रभावित हो सकती है।
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सोने का समय निर्धारित करें - फोटो : Social media
अनिद्रा को दूर करने के टिप्स
सभी लोगों को नींद बेहतर करने के लिए निम्न बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • स्क्रीन टाइम कम करेंः शाम 5 बजे के बाद किसी भी तरह के स्क्रीन जैसे मोबाइल, लैपटॉप, टीवी अदि से दूरी बना लेनी चाहिए।
  • सोने का समय निर्धारित करें: सोने का समय निर्धारित करें और हर दिन उसी समय पर सोने की कोशिश करें।
  • कैफीन का सेवन कम करें- कैफीन के कारण भी नींद में बाधा आ सकती है। अच्छी नींद पाने के लिए कैफीनयुक्त पेय पदार्थों का सेवन कम करें।
  • व्यायाम और योग- प्रतिदिन व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर भी आप आसानी से अनिद्रा की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।
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नोट: यह लेख मनोरोग विशेषज्ञ डॉ सत्यकांत त्रिवेदी से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें तथा किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टरी सलाह के न करें।
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