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नाक बहने व छींक आने पर न घबराएं, कोरोना से लड़ने में सहायक है जुकाम का होना

Sat, 22 May 2021 05:54 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस जुकाम को आसानी से ठीक किया जा सकता है। - फोटो : Social Media

Medically reviewed by Dr. Deepak Mahavar

डॉ दीपक माहवर, श्वास रोग विशेषज्ञ

सेंटर पॉइंट हॉस्पिटल, नागपुर

डिग्री- एम.बी.बी.एस, एम.डी, डी.एन.बी

अनुभव- 10 वर्ष

जुकाम होने पर अक्सर हम घबरा जाते हैं। अधिकांश लोगों को इन दिनों जैसे ही छींक आती है, वे घबराने लगते हैं कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं हो गया है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों सामान्य जुकाम यदि हो जाता है तो परेशान होने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है कि क्योंकि यही जुकाम हमारी कोरोना वायरस से सुरक्षा करने में सहायता करेगा। थोड़ा आराम और कुछ दवाइयां लेकर इस जुकाम को आसानी से ठीक किया जा सकता है। अगली स्लाइड्स से जानिए कैसे जुकाम ठीक करेगा कोरोना से सुरक्षा।

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शरीर में टी- सेल का भी निर्माण हो रहा होता है - फोटो : Pixabay

टी-सेल का होता है निर्माण
जुकाम के होने का अर्थ भी ऐसा ही कुछ है कि शरीर में जुकाम के वायरस ने प्रवेश किया है। जब हमारा शरीर जुकाम के वायरस से लड़ने का प्रयत्न कर रहा होता है। उस वक्त हमारे शरीर में टी- सेल का भी निर्माण हो रहा होता है। टी-सेल सफेद कोशिकाओं का ही प्रकार है, यह वो सेल है जो कि हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करता है। 

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नई इम्यून सेल्स को सक्रिय करती हैं - फोटो : immunity

इम्यून सेल्स को करती हैं सक्रिय
जुकाम होने के बाद शरीर में बन चुकी टी-सेल्स बीमारी को उत्पन्न करने वाले पेथोजन की होस्ट सेल को नष्ट करके नई इम्यून सेल्स को सक्रिय करती हैं। जिससे कि हमारी रोग- प्रतिरोधक क्षमता और भी विकसित हो जाती है। जुकाम से ठीक हो जाने के बाद भी इनमें से कुछ कोशिकाएं हमारे शरीर में जीवित ही रह जाती हैं जो कि हमारे शरीर के लिए आगे चलकर बहुत फायदेमंद साबित होती हैं।

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जुकाम हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर कर जाए - फोटो : iStock

रोग-प्रतिरोधक क्षमता हो सकती है बेहतर
बची हुई इम्यून सेल्स हमारे शरीर में क्रॉस रिएक्टिव एंटीवायरल इम्यूनिटी का उत्पादन करती हैं जो कि कोरोना से रक्षा करने में हमारी सहायता करती हैं इसलिए जरूरी नहीं है कि धूप-पसीने से होने वाला जुकाम हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर ही करे। हो सकता है कि जुकाम हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर कर जाए इसलिए जुकाम होते ही एकदम घबराना कोई समाधान नहीं है। 

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उनमें टी-सेल्स का निर्माण न हो सके - फोटो : pixabay

डॉक्टर का परामर्श है आवश्यक
यदि सर्दी तीन दिन से अधिक तक बनी हुई है तब चिकित्सक का परामर्श अवश्य लें। विशेषज्ञ का कहना है कि जरूरी नहीं है कि हर शरीर में ऐसा ही हो क्योंकि सभी के शरीर अलग-अलग होते हैं। जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता पहले से कमजोर हो और उन्हें जुकाम हो जाए तो हो सकता है कि उनमें टी-सेल्स का निर्माण न हो सके इसलिए खुद से कोई दवा या नुस्खा न करें। ये आपके लिए बेहद खतरनाक  साबित हो सकता है। 

नोट- यह लेख सेंटर पॉइंट हॉस्पिटल के डॉक्टर दीपक माहवर से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है। डॉक्टर दीपक महावर पिछले 10 सालों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने अपनी डिग्री एम.बी.बी.एस गवर्नमेंट कॉलेज एंड हॉस्पिटल, नागपुर से ली है।

अस्वीकरण- अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित अस्वीकरण- बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।


 

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