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Diabetes: दिनचर्या में ये बदलाव करके आसानी से नियंत्रित कर सकते हैं शुगर का स्तर, तुरंत छोड़ दें ये आदतें

Sun, 12 May 2024 05:53 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज की समस्या - फोटो : istock
रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक बने रहना डायबिटीज रोग का कारण बनता है। साल 2021 के आंकड़ों के अनुसार 20 से 79 वर्ष की आयु वाले 537 मिलियन (53.7 करोड़ से अधिक लोग) इस रोग के शिकार हैं। साल 2045 तक ये आंकड़ा बढ़कर 783 मिलियन (78.3 करोड़) से अधिक होने की आशंका जताई गई है। भारत में भी डायबिटीज के मामले पिछले दो दशकों में काफी तेजी से बढ़े हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया, लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के कारण इस रोग का खतरा बढ़ता जा रहा है। जिन लोगों के परिवार में किसी को डायबिटीज रही है या फिर अन्य जोखिम कारक हैं उन्हें इसको लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

आहार विशेषज्ञ कहते हैं, ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने के लिए कुछ आदतों में सुधार करना जरूरी है। खानपान को सही रखना, नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाना मधुमेह रोगियों के लिए आवश्यक है। इसके अलावा ये जानना भी जरूरी है कि डायबिटीज रोगियों को किन चीजों से परहेज करना चाहिए जिससे शुगर को बेहतर तरीके से नियंत्रित रखा जा सके?
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मधुमेह की समस्या - फोटो : istock
कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों का कम करें सेवन

भोजन में तीन मुख्य प्रकार के कार्बोहाइड्रेट होते हैं: स्टार्च, चीनी और फाइबर। मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए स्टार्च और शर्करा बड़ी समस्या पैदा करते हैं क्योंकि शरीर इन्हें ग्लूकोज में तोड़ देता है। इनसे भरपूर चीजों के सेवन के कारण तेजी से शुगर का स्तर बढ़ने का खतरा हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है उन्हें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम करके फाइबर वाली चीजों का अधिक सेवन करना चाहिए। आहार में इस प्रकार का बदलाव करके ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना आसान हो सकता है।
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रात में जल्दी खाने की बनाएं आदत - फोटो : istock
बदल लें रात के खाने का समय

कई लोगों को रात में देर से खाने की आदत होती है। क्या आप जानते हैं कि इसके कारण आप गंभीर समस्याओं के शिकार हो सकते हैं। जब आप रात में देर से खाते हैं तो इससे मेटाबॉलिज्म से संबंधित समस्याओं का खतरा हो सकता है। ज्यादातर अध्ययनों में विशेषज्ञ कहते हैं रात का खाना शाम को छह से सात बजे के बीच जरूर खा लेना चाहिए। खाने के बाद कम से कम 10-15 मिनट की वॉक जरूर करें इससे कार्बोहाइड्रेट को बेहतर तरीके से पचाने में मदद मिलती है।
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सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के नुकसान - फोटो : istock
शारीरिक निष्क्रियता आपकी दुश्मन

डायबिटीज के खतरे से बचाना चाहते हैं या फिर डायबिटीज को कंट्रोल करना चाहते हैं तो जीवनशैली में बदलाव, विशेषतौर पर शारीरिक निष्क्रियता को कम करना सबसे जरूरी है। लगातार कई घंटों बैठकर काम करते रहना, व्यायाम की कमी के कारण शुगर बढ़ने का खतरा रहता है। अगर आप चाहते हैं कि शुगर लेवल कंट्रोल रहे, तो दिन में कम से कम 40 मिनट व्यायाम जरूर करें। शारीरिक निष्क्रियता वाले लोगों में डायबिटीज की जटिलताओं का खतरा अधिक होता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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