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पिकी ईटर: अगर बच्चे खाने में दिखाने लगें नखरें तो हो जाएं सतर्क, इन बातों का रखें ध्यान

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
Medically Reviewed by Dr. L. K. Garg

डॉ. एल. के. गर्ग
शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ
आगरा


ये किसी एक मां की समस्या नहीं। लगभग हर मां इस बात से परेशान रहती है कि उसका बच्चा ठीक से खाना नहीं खाता। इसलिए वो उसकी पसंद के हिसाब से हर बार खाने का रूटीन बदलती रहती है। हालांकि इस बात में मातृत्व भाव का एक बड़ा अंश भी होता है, जिसके चलते मां बच्चे को खाना खिलाना ही सबसे बड़ा टास्क समझने लगती है। मुश्किल तब और बढ़ जाती है, जब बच्चे की यह आदत बड़े होने पर भी नहीं छूटती और आगे उसके लिए मुश्किल खड़ी करने लगती है। पिकी ईटर यानी वह व्यक्ति जो खाने में नखरे दिखाता हो और केवल एक ही तरह की चीज खाना पसंद करता हो। यह नखरे इतने बढ़ जाते हों कि पर्याप्त मात्रा में पोषण मिलना ही बंद हो जाए। सुनने में भले ही यह समस्या सामान्य लगे, लेकिन यह कई बार इतनी भी बढ़ सकती है कि बच्चे को इलाज की जरूरत पड़ने लगे। इसलिए अगर बच्चा खाने में बहुत ज्यादा नखरे दिखाने लगे तो सतर्क हो जाएं और जरूरी कदम उठाएं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
मां के हाथ का खाना 
  • यह एक जांचा परखा तथ्य है कि बच्चा जब पहली बार मां के दूध के अलावा कुछ भी खाना शुरू करता है। यानी करीब 6 माह की उम्र के बाद, तब उसे जिस तरह के भोजन की आदत डाली जाएगी, वही हमेशा उसके साथ रहेगी। चूंकि बच्चा भोजन का स्वाद पता चलने के बाद से लगातार घर का भोजन करता है, इसलिए ही उसे हमेशा मां के हाथ का या जो भी घर में भोजन बनाता है उसके हाथ का भोजन ही पसंद आता है। इसलिए इस समय कुछ बातें ध्यान में रखें। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
  • यह सही है कि बच्चे को आप थोड़ा गरिष्ठ, मीठा भोजन भी दे सकते हैं, लेकिन कोशिश करें कि शुरुआत से उसको सामान्य भोजन दें, जो घर के बाकी सदस्य खाते हों। 
  • बहुत ज्यादा आर्टिफिशियल मीठा या नमकीन देने की बजाय मौसमी फल, मूंगफली दाने, सूखे मेवे, गुड़, भुने चने, मोटे अनाज की मठरी आदि जैसी चीजें खाने को दें। 
  • बच्चे को शुरू से कम नमक और शक्कर का भोजन दें। इससे उसे कभी भी अधिक शक्कर की आदत नहीं पड़ेगी।
  • शुरू से बच्चे को मिक्स स्वाद वाला भोजन दें। जैसे चावल के साथ सब्जी या कोई सी भी दाल या रोटी में सब्जी मिलाकर। शुरुआती समय में चीजों को मिक्सर में निकाल कर या अच्छी तरह कटोरी में मसल कर भी बच्चे को खिला सकते हैं।
  • इससे उसको किसी एक स्वाद की आदत नही पड़ेगी। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
नखरैल बच्चों को ऐसें खिलाएं 
  • कभी भी खाने के समय को बच्चे या अपनी चिड़चिड़ाहट का वक्त न बनने दें। 
  • अगर बच्चा रोज एक ही चीज खाने की जिद करता है और वही खाना चाहता है तो घर में एक नियम बनाएं। बच्चे को कहें कि उसे जो पसंद है वह तब मिलेगा, जब वह कम से कम दो बाइट बाकी भोजन की खाएगा। 
  • एक नियम यह भी बनाएं कि बच्चे के जिद करने पर हारकर उसकी पसंज का खाना बनाने या देने से बचें। घर में रोज जो भी भोजन बनेगा, वह सब मिलकर साथ बैठकर खाएंगे, यह तय करें। 
  • बच्चे को रंग बिरंगी सब्जियां दिखा कर उससे पूछें कि उसे कौन सी सब्जी पसंद है। फिर उसे बच्चे की पसंद की डिश में डालकर बनाएं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
  • विकल्प निकालें। जैसे अगर बच्चा हमेशा बाजार का सॉस खाने की जिद करता है तो एक आध बार ताजा टमाटर की चटनी बनाकर उसे खिलाएं। चीज और बाजार के बटर की जगह घर का ताजा निकला मक्खन दें। पैक्ड जूस की जगह ताजा नींबू का रस या चटपटी छाछ दें। 
  • डांट, मार या गुस्सा करना कोई विकल्प नहीं है। इसकी बजाय खेल खेल में बच्चे को खाना सिखाएं। 
  • घर के खाने को लेकर थोड़ा कड़क रवैया रखें। बाहर का खाना सब पसंद करते हैं, लेकिन इसके लिए भी महीने में एक बार का ही नियम लागू रहने दें। 
  • याद रखिए कि बच्चे हमेशा बड़ों की नकल करते हैं। आप उनके सामने अपना आदर्श प्रस्तुत करें। इसके अलावा आप उनके फेवरेट सुपरहीरो, खिलाड़ी आदि के बारे में भी जानकारी इकट्ठा करें और बच्चे को बताएं कि उनका पसंदीदा हीरो क्या खाकर फिट रहता है। 
  • बच्चों को बाजार का पैक्ड फूड कम से कम दें। 
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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