Medically Reviewed by Dr. L. K. Garg
डॉ. एल. के. गर्ग
शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ
आगरा
ये किसी एक मां की समस्या नहीं। लगभग हर मां इस बात से परेशान रहती है कि उसका बच्चा ठीक से खाना नहीं खाता। इसलिए वो उसकी पसंद के हिसाब से हर बार खाने का रूटीन बदलती रहती है। हालांकि इस बात में मातृत्व भाव का एक बड़ा अंश भी होता है, जिसके चलते मां बच्चे को खाना खिलाना ही सबसे बड़ा टास्क समझने लगती है। मुश्किल तब और बढ़ जाती है, जब बच्चे की यह आदत बड़े होने पर भी नहीं छूटती और आगे उसके लिए मुश्किल खड़ी करने लगती है। पिकी ईटर यानी वह व्यक्ति जो खाने में नखरे दिखाता हो और केवल एक ही तरह की चीज खाना पसंद करता हो। यह नखरे इतने बढ़ जाते हों कि पर्याप्त मात्रा में पोषण मिलना ही बंद हो जाए। सुनने में भले ही यह समस्या सामान्य लगे, लेकिन यह कई बार इतनी भी बढ़ सकती है कि बच्चे को इलाज की जरूरत पड़ने लगे। इसलिए अगर बच्चा खाने में बहुत ज्यादा नखरे दिखाने लगे तो सतर्क हो जाएं और जरूरी कदम उठाएं।