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Ovarian Cancer: महिलाओं के लिए राहत भरी खबर, जल्द ही इस घातक कैंसर की दूर होगी टेंशन; जानिए कैसे

Sat, 05 Oct 2024 03:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ओवेरियन कैंसर के मामले - फोटो : Freepik.com
कैंसर के कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। पुरुष हो या महिला, बच्चे हों या बुजुर्ग, सभी लोगों में कैंसर और इसके जोखिम कारक देखे जाते रहे हैं। पुरुषों में लंग्स और प्रोस्टेट जबकि महिलाओं में स्तन-ओवरी और सर्वाइकल कैंसर के मामले सबसे ज्यादा रिपोर्ट किए जाते हैं।

आंकड़ों से पता चलता है कि साल 2022 में, दुनियाभर में महिलाओं में कैंसर से मृत्युदर प्रति एक लाख लोगों पर 76.4 थी। स्तन कैंसर महिलाओं में कैंसर से होने वाली मौतों का प्रमुख कारण था, वहीं ओवेरियन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।

हालांकि महिलाओं में कैंसर के खतरे को कम करने की दिशा में एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, ओवेरियन कैंसर (डिम्बग्रंथि के कैंसर) के लिए दुनिया का पहला टीका यूके में विकसित किया जा रहा है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि टीके से इस घातक बीमारी के जोखिमों को पूरी तरह से खत्म करने में मदद मिल सकती है।

अगर ये टीका परीक्षणों में सफल रहता है तो हर साल ओवेरियन कैंसर के कारण होने वाली लाखों मौतों को रोका जा सकता है।
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कैंसर की वैक्सीन - फोटो : Freepik.com
ओवेरियन कैंसर के लिए वैक्सीन

वैज्ञानिकों की टीम ने इस वैक्सीन को 'ओवेरियनवैक्स' नाम दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के खिलाफ निवारक उपाय के रूप में महिलाओं को यह टीका दिया जाएगा। इसकी मॉडलिंग उसी तरह से की गई है जैसा कि सर्वाइकल कैंसर की एचपीवी वैक्सीन की है।

रिपोर्ट्स के अनुसार टीके को इस तरह से निर्मित किया जा रहा है कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली ओवेरियन कैंसर को शुरुआत में ही पकड़ ले और कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने से रोके या नष्ट कर दे। 
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ओवेरियन कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com
कैंसर कोशिकाओं को पहचानेगी वैक्सीन

ओवेरियनवैक्स टीके के बारे में जानकारी देते हुए ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ओवेरियन कैंसर सेल लेबोरेटरी के निदेशक डॉ. अहमद अहमद ने बताया, ये वैक्सीन सेलुलर टारगेट की तरह काम करेगी। वैज्ञानिकों की टीम ये समझने की कोशिश कर रही है कि प्रारंभिक चरण में कैंसर कोशिकाओं की सतह पर कौन से प्रोटीन हो सकते हैं, जिन्हें वैक्सीन सबसे जल्दी पता लगा सकती है। इसके आगे के चरणों में वैक्सीन के माध्यम से उन कोशिकाओं को लक्षित करने पर काम किया जाएगा, जो कैंसर का कारण बन सकती हैं।

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ओवेरियन कैंसर का जोखिम - फोटो : Freepik.com
क्या कहते हैं वैज्ञानिक?

डॉ अहमद कहते हैं, अगर टीका सफल रहता है तो अगले पांच साल के भीतर इसके परिणाम देखने को मिल सकते हैं। ये टीके वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य के लिए इस बड़े जोखिम को कम करने में मददगार हो सकते हैं। हमारा लक्ष्य इस कैंसर को पूरी तरह से खत्म करने का है, उम्मीद है कि ये वैक्सीन इस दिशा में काफी अच्छे परिणाम दे सकती है। हालांकि हमें अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है।

वैक्सीन का लक्ष्य ओवेरियन कैंसर की सतह पर 100 से अधिक प्रोटीनों को पहचानने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना है।
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वैक्सीन से बच सकेगी लाखों लोगों की जान - फोटो : Freepik.com
भारत में भी ओवेरियन कैंसर का बढ़ रहा है खतरा

ओवेरियन कैंसर कई मामलों में गंभीर चिंता का कारण है। ये भारतीय महिलाओं में तीसरा सबसे आम कैंसर है। चूंकि इस कैंसर के लिए कोई विशिष्ट स्क्रीनिंग टेस्ट नहीं है और लक्षण भी अन्य पेट के रोगों से मिलते-जुलते हो सकते हैं, यही कारण है कि इसका समय पर निदान भी नहीं हो पाता है। 

कैंसर रिसर्च यूके में अनुसंधान के प्रमुख डॉ डेविड क्रॉस्बी ने कहा कि किसी भी संभावित वैक्सीन के व्यापक उपयोग के लिए तैयार होने में कई साल लग सकते हैं। इस टीके को लेकर वैज्ञानिकों की टीम आशावादी है, उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में हम ओवेरियन कैंसर को कम करने में सफलता पा सकते हैं।


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स्रोत और संदर्भ
Ovarian cancer vaccine: What you need to know about breakthrough jab


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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