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नोबेल पुरस्कार विजेता का दावा: टीकाकरण से उत्पन्न हो रहे हैं कोरोना वायरस के नए वैरिएंट

Sun, 23 May 2021 06:10 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दुनियाभर के वैज्ञानिकों का यही मानना है कि कोरोना महामारी को खत्म करने का एकमात्र उपाय टीकाकरण ही है, जो भारत, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों में तेजी से चल रहा है। हालांकि इस बीच फ्रांस के नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर ल्यूक मॉन्टैग्नियर ने एक चौंका देने वाला दावा किया है। उनका कहना है कि टीकाकरण से कोरोना वायरस खत्म नहीं हो रहा बल्कि उसके नए-नए वैरिएंट्स उत्पन्न हो रहे हैं। दरअसल, प्रोफेसर मॉन्टैग्नियर का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें वो यह दावा कर रहे हैं। वह एक वायरोलॉजिस्ट हैं और 12 साल पहले यानी साल 2008 में उन्होंने नोबेल पुरस्कार जीता था। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
प्रोफेसर मॉन्टैग्नियर का दावा है कि 'वैक्सीन वायरस को रोकती नहीं है बल्कि वो उसके विपरीत काम करती है और वायरस को और भी ज्यादा ताकतवर बनाती है। टीकाकरण के कारण कोरोना के नए वैरिएंट अधिक नुकसान पहुंचा सकते हैं।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दरअसल, इस महीने की शुरुआत में प्रोफेसर मॉन्टैग्नियर ने एक इंटरव्यू दिया था, जिसमें उन्होंने कोरोना वायरस को लेकर कई तरह के दावे किए थे। उनके इंटरव्यू को अमेरिका के आरएआईआर फाउंडेशन ने ट्रांसलेट किया है। इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया है कि महामारी से जुड़े वैज्ञानिकों को कोरोना वैक्सीन से जुड़े तथ्यों के बारे में पता है लेकिन फिर भी वो चुप हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इंटरव्यू में प्रोफेसर मॉन्टैग्नियर ने सवाल पूछा गया था कि जनवरी से टीकाकरण शुरू होने के बाद से कोरोना संक्रमण के नए मामले और उससे होने वाली मौतों के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं, इसपर आपकी क्या राय है? इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'कोरोना का टीकाकरण अभियान एक 'अस्वीकार्य गलती' है। सामूहिक टीकाकरण एक वैज्ञानिक त्रुटि होने के साथ-साथ एक चिकित्सा त्रुटि भी है।' उन्होंने कहा कि वैक्सीन एंटीबॉडी बनाती है, जो वायरस को दूसरा रास्ता खोजने या मरने पर मजबूर करती है और इसी वजह से नए वैरिएंट भी पैदा होते हैं।' 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
प्रोफेसर मॉन्टैग्नियर ने कहा कि हर देश में एक जैसा ही हाल है। टीकाकरण का ग्राफ कोरोना के कारण मौतों के ग्राफ के साथ ही चल रहा है। उन्होंने कहा कि वैक्सीन लेने के बाद जो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं, उनके साथ वह प्रयोग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मैं आपको दिखाऊंगा कि टीकाकरण से ही कोरोना के नए वैरिएंट बन रहे हैं, जो वैक्सीन के लिए प्रतिरोधी हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इससे पहले भी प्रोफेसर मॉन्टैग्नियर कोरोना को लेकर एक हैरान करने वाला दावा कर चुके हैं। इसी साल अप्रैल में उन्होंने दावा किया था कि कोरोना वायरस लैब में तैयार किया हुआ वायरस है, यानी यह मानव निर्मित वायरस है, जबकि मार्च में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दावा किया था कि वुहान लैब से कोरोना नहीं फैला है, बल्कि यह किसी जानवर से इंसान तक पहुंचा है। हालांकि यह अभी भी एक रहस्य ही है कोरोना वायरस की उत्पत्ति कैसे हुई? 

स्रोत एवं संदर्भ: 
Bombshell: Nobel Prize Winner Reveals - Covid Vaccine is 'Creating Variants' 
https://rairfoundation.com/bombshell-nobel-prize-winner-reveals-covid-vaccine-is-creating-variants/ 

नोट: यह लेख अमेरिका के आरएआईआर फाउंडेशन की वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के आधार पर तैयार किया गया है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। किसी भी तरह की बीमारी के लक्षण हों अथवा आप किसी रोग से ग्रसित हों तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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