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कोरोना मरीज सावधान: ये सात लक्षण दिखें तो तुरंत हो जाएं अस्पताल में भर्ती

Tue, 13 Apr 2021 03:41 PM IST
सोनू शर्मा हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : iStock
देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार और तेजी से बढ़ रही है। पिछले 24 घंटों में नए मामलों की संख्या में मामूली गिरावट तो आई है, लेकिन फिर भी यह संख्या एक लाख 61 हजार के पार है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि इस समय देश में 12 लाख 64 हजार से अधिक लोग कोरोना से पीड़ित हैं और इन लोगों का अस्पतालों में या उनके घर पर ही इलाज चल रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई कोरोना मरीज घर पर आइसोलोट है तो कैसे पता चलेगा कि उसे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत है? आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना से जुड़े ऐसे ही जरूरी सवालों के जवाब... 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
कोविड की जांच कब कराएं और कब तक जांच रिपोर्ट मिल जाती है? 
  • दिल्ली स्थित जी. बी. पंत अस्पताल के डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'कोविड के लक्षण आम सर्दी-जुकाम से मिलते हुए होते हैं। अगर आपको खांसी, गले में खराश, बुखार हो तो कोविड जांच करा लेनी चाहिए। इसकी जांच निजी या सरकारी अस्पताल में करा सकते हैं। इसकी रिपोर्ट वैसे तो चार घंटे में मिल जाती है, लेकिन इस वक्त कोविड केस ज्यादा आ रहे हैं तो 24 घंटे या फिर इससे ज्यादा वक्त लग सकता है।'  

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
आरटी-पीसीआर में सीटी वैल्यू को कैसे समझ सकते हैं? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'आरटी-पीसीआर टेस्ट कराने पर रिपोर्ट पर सीटी वैल्यू भी लिखा होता है। इससे पता चलता है कि संक्रमित में वायरल लोड कितना है, लेकिन आम लोगों को केवल पॉजिटिव और निगेटिव को जानना है। कई बार वायरल लोड ज्यादा होता है तो भी व्यक्ति एसिम्प्टोमैटिक और कई बार कम होता है, फिर भी मरीज सिम्प्टोमैटिक होता है। इसलिए इसको डॉक्टर पर छोड़ देना चाहिए।'  

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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर कोविड मरीज घर पर आइसोलोट है तो कैसे पता चलेगा कि उसे अस्पताल जाना है? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'अगर लगातार तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, ऑक्सीजन सेचुरेशन (संतृप्ति) कम हो, मरीज में बेचैनी, घबराहट, न्यूरोलॉजिकल डिस्टरबेंस (बाधा) जैसे मेमोरी में बाधा, सिर में बहुत तेज दर्द, अचेतना की अवस्था, इस तरह के लक्षण आएं तो मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता होती है।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
दिल्ली के कई अस्पतालों में आईसीयू और वार्ड में बेड की संख्या बढ़ाने को कहा गया है, क्या दिशा-निर्देश हैं? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'इस बारे में समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। इससे पहले नवंबर में भी स्थिति इसी तरह गंभीर हो गई थी, तो उस वक्त भी करीब 80 प्रतिशत बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए गए थे। उसी तरह इस बार भी सरकार ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत कई बड़े अस्पतालों को टोटल कोविड हॉस्पिटल घोषित किया गया है और आईसीयू में 80 प्रतिशत बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं। सभी बेड इसलिए नहीं किए जा सकते हैं, क्योंकि कई बार बिना कोविड के भी गंभीर मरीज आते हैं, उनके लिए बेड रखे जाते हैं।' 
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कोरोना पर विशेषज्ञ की राय - फोटो : Twitter/Air
अगर किसी को ऑक्सीजन की जरूरत होती है तो इसे अस्पताल उपलब्ध कराता है या खुद व्यवस्था करनी होती है? 
  • डॉ. संजय पांडेय कहते हैं, 'अगर कोई भी व्यक्ति कोविड पॉजिटिव आता है तो मरीज से लगातार स्वास्थ्य अधिकारी संपर्क में रहते हैं। वो देखते हैं कि घर में आइसोलेट हो सकते हैं या नहीं, उसकी स्थिति क्या है और अगर स्थिति अभी सामान्य है तो अस्पताल जाने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर स्थिति गंभीर है या कोमोरबिडिटी वाले हैं, बुजुर्ग हैं तो अस्पताल उसपर ध्यान देते हुए उसे भर्ती करेगा।' 
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