गर्भाश्य के मुख्य द्वार को सर्विक्स कहा जाता है। सर्विक्स में सेल्स की अनियमित वृद्धि को सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। यह कैंसर सर्विक्स में हृयूमन पेपीलोमा वायरस एचपीवी के कारण होता है। आज पूरी दुनिया में 10 में से एक महिला सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित है। बीमारी और इलाज संबंधी जानकारी के अभाव में भारत में यह खतरनाक बीमारी महिलाओं के लिए जानलेवा बनती जा रही है।
सेक्टर-26 में रहने वाली धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर कनिका शर्मा ने बताया कि यह बीमारी 40 साल या इससे अधिक आयु की महिलाओं में होती है। यह मल्टीपल पार्टनर के साथ सेक्सुअल एक्टिविटी की वजह से हो सकता है, जो एचपीवी के संक्रमित होने का कारण बनती है। कम उम्र में सेक्सुअल एक्टिविटीज में इनवोल्व होने के कारण भी सर्वाइकल कैंसर हो जाता है। प्राइवेट भाग की साफ सफाई न करने या फिर बार बार गर्भधारण करने से भी आशंका बढ़ जाती है। यह आनुवांशिक बीमारी भी हो सकती है।