ब्लैक फंगस का असर (सांकेतिक तस्वीर)
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क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में डॉ श्रेय श्रीवास्तव बताते हैं, डेंगू से रिकवरी के बाद म्यूकोरमाइकोसिस होना वैसे तो असामान्य स्थिति है। जो लोग पहले से ही कोमर्बिडिटी के शिकार हैं, अगर उन्हें डेंगू हो जाता है, ऐसे लोगों में रिकवरी के बाद म्यूकोरमाइकोसिस होने का खतरा हो सकता है। कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। ब्लैक फंगस हमारे कान, नाक, आंख, मस्तिष्क के कुछ भाग को प्रभावित कर सकता है। डेंगू से रिकवरी के बाद यदि आंखों में लालिमा, धुंधला दिखाई देने, आंखों में दर्द या कुछ असामान्य लगे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।