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Breast Cancer Awareness Month: स्तन कैंसर से बचाव के लिए जरूरी है सही जानकारी, जानिए इससे जुड़े मिथ्स-फैक्ट्स

Mon, 14 Oct 2024 02:14 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ब्रेस्ट कैंसर का खतरा - फोटो : Freepik.com
स्तन कैंसर के मामले दुनियाभर में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि युवा आबादी भी इसका तेजी से शिकार हो रही है। ये महिलाओं में होने वाला सामने आम प्रकार का कैंसर है। साल 2022 में महिलाओं में स्तन कैंसर के करीब 23 लाख नए मामले सामने आए, वहीं इसके कारण विश्वभर में 670,000 मौतें हुईं। ये दुनियाभर में दूसरा सबसे आम प्रकार का कैंसर है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, युवा हो या वयस्क किसी भी उम्र की महिला स्तन कैंसर का शिकार हो सकती है। लाइफस्टाइल, आहार में गड़बड़ी के साथ-साथ कई प्रकार के पर्यावरणीय कारकों की भी इसमें भूमिका देखी जा रही है। ब्रेस्ट कैंसर को लेकर सभी महिलाओं को कम उम्र से ही सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता होती है। जिन महिलाओं के परिवार में पहले किसी को स्तन कैंसर हो चुका है, उनमें इसका खतरा और अधिक होता है।

स्तन कैंसर के बारे में लोगों को शिक्षित और जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल अक्तूबर माह को स्तन कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस कैंसर से बचाव के लिए सही जानकारी होना जरूरी है। आइए स्तन कैंसर से जुड़े मिथ्स और फैक्ट्स जानते हैं।
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स्तन कैंसर - फोटो : Freepik.com
मिथ- सिर्फ महिलाओं को ही होता है ब्रेस्ट कैंसर

ब्रेस्ट कैंसर को आमतौर पर महिलाओं में होने वाले कैंसर के रूप में जाना जाता है। पर इसे सिर्फ महिलाओं में होने वाली बीमारी मानकर चलना ठीक नहीं है। वैश्विक डेटा से पता चलता है कि पुरुषों में भी ब्रेस्ट कैंसर को खतरा हो सकता है।

नेशनल ब्रेस्ट कैंसर फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष, अनुमान है कि लगभग 2,800 पुरुषों में स्तन कैंसर का निदान हो सकता है और 530 की मृत्यु हो गई। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं अगर किसी पुरुष को भी गांठ या निप्पल से खून आने जैसी दिक्कत हो रही है तो इसकी जांच जरूर कराएं।
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ब्रेस्ट कैंसर की जांच - फोटो : Freepik.com
मिथ- स्तन में गांठ होने का मतलब आपको स्तन कैंसर है।

स्तन में गांठ होने को स्तन कैंसर के सबसे आम लक्षणों में से एक माना जाता है, हालांकि हर बार गांठ होने का मतलब कैंसर ही नहीं है। कई बार लिंपोमा (वसा का जमाव) भी गांठ बनने का कारण हो सकती है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर आपको स्तन में कोई नई गांठ दिखती है या स्तन ऊतक में कोई बदलाव दिखता है, तो समय रहते इसका निदान जरूर करा लें। ब्रेस्ट इमेजिंग टेस्ट के माध्यम से पता किया जा सकता है कि गांठ सामान्य है या कैंसर का कारण।

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ब्रेस्ट कैंसर के बारे में जानिए - फोटो : Freepik.com
मिथ- ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है

इंटरनेट पर आपने भी जरूर सुना-पढ़ा होगा कि ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं इस बात का कोई भी मेडिकल प्रमाण नहीं है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जाता रहा है कि ब्रा पहनने, विशेष रूप से अंडरवायर स्टाइल के ब्रा, स्तन से लिंफ फ्ल्यूड के प्रवाह को रोक सकते है, जिससे ऊतकों में विषाक्त पदार्थ जमा हो सकते हैं। हालांकि इससे कैंसर होने के प्रमाण नहीं हैं। 
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खान-पान और ब्रेस्ट कैंसर - फोटो : Freepik.com
मिथ- ज्यादा चीनी खाने से स्तन कैंसर होता है

अधिक चीनी वाली चीजों के सेवन को स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता रहा है, पर इससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। 

हमारे शरीर की सभी कोशिकाएं, चाहे कैंसरग्रस्त हों या स्वस्थ, रक्त में मौजूद चीनी (ग्लूकोज) का ईंधन के रूप में इस्तेमाल करती हैं। यह सच है कि कैंसर कोशिकाएं सामान्य कोशिकाओं की तुलना में चीनी का ज्यादा तेजी से उपयोग करती हैं। चूहों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि उनमें ज्यादा चीनी खाने से स्तन कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है, लेकिन इंसानों में इसकी प्रमाणिकता के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।


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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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