फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नई मुसीबत: लौट आया कोविड से जुड़ा यह 'जानलेवा खतरा', ऐसे लोगों के लिए बन सकता है बड़ी मुसीबत, जानिए विस्तार से

Tue, 18 Jan 2022 07:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
कोरोना संक्रंमण में ब्लैक फंगस का खतरा - फोटो : iStock
देशभर में पिछले एक महीने से कोरोना के ओमिक्रॉन संक्रमण के बढ़ते मामले स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। ओमिक्रॉन वैरिएंट तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है, इसे ध्यान में रखते हुए विशेषज्ञ सभी लोगों से बचाव के लगातार उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। कोरोना के इस जारी कहर के बीच देश के कुछ हिस्सों से इससे संबंधित एक अन्य जानलेवा संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। हालिया रिपोर्टस के मुताबिक उत्तर प्रदेश के कानपुर और मुंबई में ब्लैक फंगस संक्रमण के मामले सामने आए हैं। ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस, एक बेहद गंभीर संक्रमण है, दूसरी लहर में इसके मामले देखे गए थे।

तीसरी लहर में भी ब्लैक फंगस के मामलों के सामने आने से विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है। मुंबई और कानपुर, दोनों ही जगह के संक्रमितों को डायबिटीज की समस्या है। गौरतलब है कि डायबिटीज रोगियों में कोविड-19 के बाद ब्लैक फंगस के मामलों का जोखिम बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक सभी लोगों को इस नए खतरे को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता है, क्योंकि यह कोविड-19 से भी बड़ी समस्या का कारण बन सकता है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
ब्लैक फंगस संक्रमण के मामले (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
म्यूकोरमाइकोसिस क्या है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस, एक प्रकार का गंभीर फंगल संक्रमण होता है। आमतौर पर इम्यूनोसप्रेसिव दवाइयों का सेवन करने वाले लोगों में इस संक्रमण का खतरा अधिक होता है। ऐसी दवाइयां शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती हैं, इससे पर्यावरणीय रोगजनकों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है। मधुमेह जैसी बीमारियों के शिकार लोगों में इस संक्रमण का जोखिम अधिक होता है। कोविड-19 के दौरान कुछ विशेष दवाइयों के प्रयोग के कारण इस संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। 
विज्ञापन

3 of 5
ब्लैक फंगस के लक्षणों को पहचानिए - फोटो : Pixabay
म्यूकोरमाइकोसिस के लक्षण क्या होते हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इस संक्रमण के लक्षण अधिकतर आंखों पर देखने को मिलते हैं। संक्रमितों को  बुखार, सिरदर्द, कफ, सांस लेने में कठिनाई, आंखों और नाक के आसपास दर्द और लालिमा, कुछ लोगों को उल्टी के साथ खून आने की दिक्कत हो सकती है। कुछ रोगियों में चेहरे पर कुछ लक्षण या सूजन की भी समस्या हो सकती है। यह फंगस हमारे वातावरण में हमेशा मौजूद रहता है। जब हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है तो यह फंगस शरीर पर हमला कर देता है।

4 of 5
डायबिटीज रोगियों में देखे जा रहे हैं संक्रमण के मामले - फोटो : iStock
ऐसे लोगों को संक्रमण होने का जोखिम अधिक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, वैसे तो म्यूकोरमाइकोसिस के मामले काफी दुर्लभ है, लेकिन यह उन लोगों में अधिक आम है जिन्हें पहले से ही कुछ बीमारियां है और वह ऐसी दवाएं ले रहे हैं जो शरीर की रोगाणुओं और बीमारी से लड़ने की क्षमता को कम करती हैं। ऐसी स्थितियों में ब्लैक फंगस संक्रमण का जोखिम बढ़ जाता है। 
  • डायबिटीज, विशेष रूप से डायबिटिक कीटोएसिडोसिस वाले लोगों में।
  • कैंसर या अंग प्रत्यारोपण करा चुके लोग।
  • स्टेम सेल ट्रांसप्लांट करा चुके।
  • लंबे समय तक कॉर्टिकोस्टेरॉइड का उपयोग करने वाले
  • शरीर में आयरन की अधिकता।
  • सर्जरी, जलने या घाव के कारण त्वचा में इंजरी।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
समय पर इलाज लेना आवश्यक - फोटो : iStock
म्यूकोरमाइकोसिस का क्या इलाज है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक म्यूकोरमाइकोसिस एक गंभीर संक्रमण है जिसका समय पर इलाज जरूरी होता है। इसके लिए डॉक्टर कुछ एंटिफंगल दवाएं दे सकते हैं। रोगियों को खुद से किसी भी दवा का सेवन नहीं करना चाहिए। गंभीर स्थितियों में संक्रमित ऊतक को काटने के लिए सर्जरी की भी आवश्यकता हो सकती है। इसलिए स्थिति का समय पर निदान और इलाज किया जाना आवश्यक होता है।


----------------
स्रोत और संदर्भ
Mucormycosis is a serious but rare fungal infection 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें