एलओसी की चुनौतीपूर्ण ड्यूटी के बाद असम राइफल्स की महिला सैनिक अब आंतरिक सुरक्षा का मोर्चा संभाल रही हैं। इन महिला सैनिकों ने उत्तरी कश्मीर के तंगधार सेक्टर में नशा तस्करों के खिलाफ अभियानों से लेकर आतंक रोधी ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई है। अब यह राइफल वुमन जांच नाकों पर भी तैनात कर दी गई हैं।
बीते दिनों सेना की किलो फोर्स के जीओसी मेजर जनरल एचएस साही ने बताया था कि असम राइफल्स की बटालियन में राइफल वुमन भी रहती हैं। उन्हें पुरुष सैनिकों की तर्ज पर सभी कार्य करने होते हैं। घाटी में हाल ही में बांदीपोरा और गांदरबल जिले के कंगन में इन महिला सैनिकों को तैनात किया गया है। इन्हें रूटीन चेकिंग और मोबाइल व्हीकल चेक प्वाइंट्स पर पुरुष सैनिकों के साथ तैनाती दी गई है। किसी भी ऑपरेशन के दौरान महिलाओं की मौजूदगी वाले घरों में दाखिल होकर तलाशी लेने के दौरान राइफल वुमन ने सराहनीय कार्य कर दिखाया है।