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Sadhana Gupta Death: साधना को पत्नी मानने से 15 साल पहले मुलायम ने प्रतीक को दिया था अपना नाम, जानें कैसे शुरू हुई दोनों की कहानी

Sun, 10 Jul 2022 10:39 AM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

2003 में पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव ने साधना को पत्नी का दर्जा दिया था।हालांकि, इसके पहले भी साधना के बेटे प्रतीक यादव के स्कूल में पिता की नाम की जगह मुलायम सिंह यादव ही लिखा जाता था। 
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मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का आज गुडंगांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह कुछ समय से बीमार चल रहीं थीं। 62 साल की साधना गुप्ता मूल रूप से यूपी के इटावा के बिधुना (अब औरैया जिले का हिस्सा है) की रहने वाली थी। 

2003 में पहली पत्नी मालती देवी के निधन के बाद मुलायम सिंह यादव ने साधना को पत्नी का दर्जा दिया था। हालांकि, इसके पहले भी साधना के बेटे प्रतीक यादव के स्कूल में पिता की नाम की जगह मुलायम सिंह यादव ही लिखा जाता था। 

आइए जानते हैं कि मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता की मुलाकात कैसे हुई थी? कैसे अपनी उम्र से 20 साल छोटी साधना को मुलायम सिंह यादव दिल दे बैठे थे?  
 
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बहू अपर्णा यादव के साथ मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
साधना ने मुलायम सिंह के साथ की थी दूसरी शादी
साधाना की शादी 4 जूलाई साल 1986 को फर्रुखाबाद के व्यापारी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी। इसके एक साल बाद 7 जुलाई साल 1987 को उन्होंने बेटे प्रतीक यादव को जन्म दिया। प्रतीक के जन्म के करीब दो साल बाद साधना और चंद्रप्रकाश अलग हो गए। दोनों का तलाक हो गया। 
 
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साधना गुप्ता
मुलायम से बढ़ी नजदीकियां
पहले पति चंद्र प्रकाश गुप्ता से अलग होने के बाद साधना गुप्ता ने राजनीति में कदम रखा। वह पार्टी की कार्यकर्ता थीं। इस दौरान उनकी मुलाकात मुलायम सिंह यादव से होने लगी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। 
 

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मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के साथ अपर्णा यादव और उनकी बेटी। - फोटो : अमर उजाला
नर्स के तौर पर मुलायम की मां की देखभाल भी की
अखिलेश यादव की बायोग्राफी 'बदलाव की लहर' में मुलायम सिंह और साधना के रिश्ते का भी जिक्र है। इस किताब में बताया गया है कि मुलायम की मां मूर्ती देवी अक्सर बीमार रहती थीं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब साधना गुप्ता मूर्ति देवी की देखभाल करती थीं। एक बार सैफई मेडिकल कॉलेज में एक नर्स गलत इंजेक्शन लगाने जा रही थी, उस वक्त साधना ने ही नर्स को रोका था। दरअसल, साधना भी नर्स रही थीं। उन्होंने नर्सिंग का कोर्स करने के बाद उन्होंने कुछ दिनों तक नर्सिंग होम में काम भी किया था। जब ये बात मुलायम को मालूम हुई तो वह साधना से काफी प्रभावित हुए। 
 
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मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह - फोटो : अमर उजाला
दोनों के रिश्ते के बारे में सिर्फ अमर सिंह को मालूम था 
शुरुआत में अमर सिंह इकलौते ऐसे शख्स थे जो जानते थे कि मुलायम को प्यार हो गया है। उन्होंने किसी से कहा नहीं।  मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 1988 में पहली बार मुलायम ने अखिलेश को साधना गुप्ता से मिलवाया। तब वो 15 साल के थे। कहा जाता है कि उस वक्त अखिलेश को साधना अच्छी नहीं लगीं। एक बार तो साधना ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके कुछ समय बाद मुलायम ने अखिलेश को पढ़ाई के लिए राजस्थान के धौलपुर स्थिति मिलिट्री स्कूल भेज दिया।
 
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पत्नी साधना गुप्ता, बहू अपर्णा के साथ मुलायम सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
लकी साबित हुईं साधना
1987 में पति से अलग होने के बाद साधना मुलायम की जिंदगी में आईं। दोनों की मुलाकात बढ़ती गई और प्यार भी। इस बीच, साधना मुलायम के लिए लकी साबित हुईं। 1989 में मुलायम यूपी के मुख्यमंत्री बन गए।
 
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मुलायम सिंह यादव अपनी पहली पत्नी मालती देवी के साथ। - फोटो : अमर उजाला
पहली पत्नी की मौत के बाद साधना को अपनाया
साल 2003 में मुलायम सिंह यादव ने सार्वजनिक तौर पर पहली बार साधना गुप्ता को अपनी पत्नी का दर्जा दिया। उसी साल मुलायम की पहली पत्नी और अखिलेश यादव की मां मालती देवी का निधन हुआ था। साधना गुप्ता को पत्नी स्वीकार करने पर अखिलेश यादव अपने पिता से काफी नाराज हुए थे। 
 
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मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव। - फोटो : ANI
अखिलेश की नाराजगी पर हुआ था समझौता
साधना गुप्ता को पत्नी स्वीकार करने पर अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव से नाराज हो गए। कहा जाता है कि तब समझौता हुआ था कि साधना के बेटे प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहेंगे। साधना भी राजनीति से दूर ही रहीं। हालांकि, बाद में साधना गुप्ता की बहू और प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव ने जरूर राजनीति में कदम रखा। अपर्णा विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुकी हैं। अपर्णा फिलहाल भाजपा में हैं।
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