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महिला ने बेटी संग खुद को लगाई आग: बेटा बोला, समझ नहीं पा रहा क्यों बहन के साथ जल गई मम्मी

Fri, 24 Mar 2023 11:39 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
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गुलरिया में खुदकुशी करने वाली निर्मला सिंह के दोनों बच्चों के साथ पिता श्रीकांत सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
‘मम्मी हमको मारना चाहती थी। मैं भाग गई, भाई भी भाग गया, नहीं तो हम भी मर जाते, हमें जीना है, बचा लो’ बड़ी बेटी अर्पिता के यह बोल सुनकर पिता श्रीकांत सिंह और मौजूद सभी की आंखें डबडबा गईं। यह बोलते-बोलते अर्पिता बदहवास होने लगी थी। तभी पीछे से दौड़कर छोटा बेटा विवेक भी आ गया। बोला, पापा, मम्मी क्यों जल गई। समझ नहीं आ रहा। हम लोगों को भी जलाना चाहती थी।

मां को याद कर दोनों बच्चे बदहवास हो जा रहे हैं। उठते हैं तो मां के बारे में पूछते हैं और एक तख्त पर दोनों लेट जाते हैं। दर्दनाक हादसे की खबर पाकर रिश्तेदार, गांव वाले भी पहुंचे। सबकी जुबां पर एक ही सवाल, आखिर उसने ऐसा क्यों किया? कोई पति श्रीकांत से पूछता कि क्या हुआ? तो कोई बूढ़ी सास से पूछता, आप कहां थीं। समझाया क्यों नहीं?

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गुलरिहा इलाके में महिला ने बेटी संग खुद को किया आग के हवाले। - फोटो : अमर उजाला।
सवालों के बीच श्रीकांत अपने दोनों बच्चों को किसी तरह से संभाल रहे। बच्चों को संभालने के फेर में मानो वह खुद का दर्द भूल गए हैं। उनकी पूरी कोशिश है, बच्चों के मन से किसी तरह से दहशत को निकाला जाए। दोनों मां को जिंदा जलते देखे हैं, इस वजह से काफी डरे सहमे हैं।

निर्मला के पति श्रीकांत सिंह दुबई में रहकर पाइप फीटर का काम करते हैं। वह 8 जनवरी 2023 को घर आए, तभी से यहीं पर हैं। श्रीकांत ने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि ऐसा होगा। कभी-कभी पत्नी जिद करती थी, लेकिन ऐसा कर लेगी, ऐसा कभी नहीं लगा।

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मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
घर ही नहीं, पड़ोसी भी हैरान, सबने कहां-सोचा नहीं था कि ऐसा करेगी
निर्मला के बच्ची संग खुदकुशी करने से सब हैरान हैं। रिश्तेदार हों या फिर पड़ोसी। सब यही बोल रहे हैं, निर्मला काफी खुशमिजाज थी। बातचीत से ऐसा कभी नहीं लगा कि वह इस तरह आत्मघाती कदम उठा लेगी। पति-पत्नी के बीच बहस और छोटे झगड़े तो हर घर में होते हैं, लेकिन उसकी वजह से इस तरह निर्मला खुद मर जाएगी और बच्ची को भी मार देगी, इस पर अब भी यकीन नहीं हो रहा।

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पड़ोसी कमलेश। - फोटो : अमर उजाला।
बिना पानी पीए नहीं जाने देती थी
पड़ोसी कमलेश सिंह ने कहा कि घर पर जाने पर चाची निर्मला बिना पानी पीए नहीं जाने देती थीं। ज्यादा बाहर भी नहीं आती थीं। घर में बच्चों को पढ़ाते ही उनको अक्सर देखा गया। बातचीत से तो कभी नहीं लगा कि इस तरह कर लेंगी।

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पड़ोसी बेलासी। - फोटो : अमर उजाला।
कभी नहीं लगा कि निर्मला ऐसा करेगी
पड़ोसी बेलासी देवी ने कहा कि निर्मला बहुत हंसमुख स्वभाव की थी। हमेशा घूंघट में रहती थी। उसे तेज आवाज में बात करते कभी कोई नहीं सुना। कभी उससे बातचीत में भी ऐसा नहीं लगा कि वह ऐसा कर देगी। आज भी यकीन नहीं हो रहा।
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खुदकुशी करने वाली निर्मला की सास फूलमती । - फोटो : अमर उजाला।
रखती थी ख्याल, पता नहीं ऐसा क्यों कर ली
निर्मला की सास फूलमती ने कहा कि निर्मला हमेशा ख्याल रखती थी। कभी भी ऐसा नहीं लगा कि सास हूं। मां की तरह मानती थी। पता नहीं उसके मन में ऐसा क्या आ गया कि उसने ऐसा कर लिया। हादसे से कुछ देर पहले पास में बैठी भी थी।

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खुदकुशी करने वाली निर्मला सिंह का पति श्रीकांत सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
मुझे नहीं लगा मेरी निर्मला ऐसा कर लेगी
पति श्रीकांत सिंह ने कहा कि निर्मला ने बृहस्पतिवार की सुबह लगभग 10 बजे पूरे परिवार के साथ भोजन किया। आज ही भांजी देखने लड़के वाले आने वाले थे। जिसके लिए वह पिपराइच ताज पिपरा मोटेश्वर मंदिर पर चले गए। पत्नी भी वहां जाना चाहती थी, मगर उन्होंने ले जाने से मना कर दिया तो थोड़ा गुस्सा हो गई। लेकिन, बहस इतना भी नहीं हुई था कि वह कुछ कर ले। समझ में नहीं आ रहा है कि मेरी निर्मला ने ऐसा क्यों किया।

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घटना के बाद मौके पर जुटी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
बड़ी अरमानों से बनाया था आशियाना, सब बिखर गया
श्रीकांत ने बड़े अरमानों से आशियाना बनाया था। उन्होंने खपरैल के मकान से निकल कर 2017 में पक्का मकान बनवाया था। तभी पत्नी से पूछकर किचन और कमरे की पेंटिंग कराई थी। श्रीकांत बताते हैं कि उनके पिता बनारसी सिंह की 2004 में ही मौत हो गई थी। इसके बाद 13 सितंबर 2007 को दुबई कमाने गया। जिसके बाद मकान बनाया था।

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मां बेटी के साथ खुदकुशी करने के बाद पहुचें पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।
एक्सपर्ट कमेंट
गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्री दीपेंद्र मोहन सिंह ने कहा कि परिवार मानव जीवन का बुनियादी पहलू है। व्यक्तित्व का निर्माण और विकास परिवार में ही होता है। समकालीन समय में परिवार संक्रमण की अवस्था से गुजर रहा है। औद्योगीकरण, नगरीकरण तथा प्रौद्योगिक विकास आदि के कारण पारिवारिक संरचना में भी बदलाव आ रहे हैं, जिससे परिवार के सदस्यों में असामंजस्य की स्थिति पैदा हो जाती है तथा वे अपने व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए संघर्षरत हो जाते हैं। पति-पत्नी के संबंधों की घनिष्ठता का अंत हो जाता है और मनोवृत्तियां परस्पर विरोधी हो जाती हैं।

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मनोवैज्ञानिक डॉ. सीमा श्रीवास्तव ने कहा कि कई सारे ऐसे मनोवैज्ञानिक कारण हैं जिनसे हमें यह पता चलता है कि व्यक्ति आत्महत्या क्यों करता है? इसमें स्वभाव संबंधित कारक प्रमुख होता है। कुछ व्यक्ति अधिक भावुक होते हैं और जीवन में किसी भी तरीके का व्यवधान पैदा होने से भी विचलित हो जाते हैं। कोई समाधान न मिलता देख आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठाते हैं।
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पहले भी हुई हैं इस तरह की घटनाएं
  • 08 दिसंबर 2015 : खोराबार के पोछिया ब्रह्म स्थान केवटान टोला निवासी दिलीप निषाद ने पत्नी माया और 10 माह के बच्चे लकी की हत्या कर दी थी और फिर फंदा लगाकर खुदकुशी की थी।
  • 08 मई 2018 : महादेव झारखंडी निवासी शशि सिंह ने बेटी दीक्षा उर्फ एंजल और बेटे नववैध का गला दबाकर हत्या की थी और फिर फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पति संतोष पहले ही खुदकुशी कर लिया था।
  • 04 फरवरी 2019 : राजघाट निवासी व्यापारी रमेश गुप्ता ने पत्नी सरिता, बेटी रचना, पायल व छोटे बेटे आयुष को खाने में जहर देकर हत्या की और फिर खुद ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी कर ली थी।
  • 06 मई 2020 : पिपराइच के उनौला स्टेशन के पास पूजा तीन बेटियों संग ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली थी।
  • 22 अक्तूबर 2021 : खोराबार के भैसहा निवासी मंजू बेटे अनूप व बेटी अमृता के साथ आग लगा ली थी। बच्चों की मौत हो गई थी।
  • 07 सितंबर 2017 : शाहपुर के शक्तिनगर में शोभा अपनी बड़ी बेटी एंजल, बेटे अथर्व और छोटी आराध्या के साथ पंखे से लटकी थी। शोभा व उसकी बड़ी बेटी की मौत हो गई थी।
  • 09 दिसंबर 2022 : पिपराइच के जंगल धूसड़ में विवेकानंद दुबे ने पत्नी मालती के संग खुदकुशी कर ली थी। कमरे में पत्नी और बाहर पति का शव मिला।
  • 16 नवंबर 2022 : शाहपुर में जितेंद्र श्रीवास्तव ने बेटी मान्या ओर मानवी के साथ खुदकुशी कर ली थी। बेटियों के शव पंखे के सहारे दुपट्टे से लटके थे, जबकि पिता दूसरे कमरे में पंखे पर लटका था।
  • 16 नवंबर 2022 : गोरखनाथ इलाके में मां सरोज देवी और बेटे मनीष राय ने खुदकुशी कर ली थी। दोनों ने जहर खाकर जान दी थी।
  • 05 फरवरी 2023 : गोला के देवकली गांव में इंद्र बहादुर मौर्या ने पत्नी सुशीला, बेटी चांदनी, बेटे आर्यन की हत्या कर खुदकुशी कर ली थी।



 
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