आरोपी राम सिंह।
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उधर, बृहस्पतिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव गांव में पहुंचा तो एक बार फिर चीख पुकार मच गई। रिश्तेदार, पड़ोसी ही नहीं आसपास के गांव वाले भी आयुष का शव देखकर रो पड़े। सभी परिवार वालों को सांत्वना देते रहे। आयुष की बहनें रोते-रोते बदहवास हो जा रहीं थीं। पिता सत्यनारायण खुद को संभालते हुए बच्चों को भी संभालते नजर आए।
हत्या और लूट में जेल गया था राम सिंह
राम सिंह गोरहडीह गांव का ही रहने वाला है। उसकी अभी शादी नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक, साल 2016 में उसने खोराबार इलाके में ट्रक मालिक की हत्या कर सरिया लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में वह जेल गया था। साल 2020 में जमानत पर जेल से बाहर आया। उसके जमानत पाने में सत्यनारायण ने मदद भी की और फिर जेल से बाहर आने के बाद जिस फैक्टरी में सत्यनारायण काम करते हैं, वहीं उसे भी नौकरी दिलाई। इसके बाद दोनों साथ ही आते-जाते थे, लेकिन बुधवार को राम सिंह ने साजिश रचकर हत्या कर दी।