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पूर्वांचल के 'जुहू चौपाटी' की खूबसूरती पर लगा ये दाग, तस्वीरों में देखें इसका हाल

Mon, 01 Mar 2021 01:31 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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जलकुंभी से पटा पड़ा है रामगढ़ताल। - फोटो : अमर उजाला।
पूर्वांचल के जुहू चौपाटी के नाम से जाना जाने वाले रामगढ़ताल की सफाई सिर्फ नौकायन केंद्र और सर्किट हाउस के आसपास सीमित है। वजह, मुख्यमंत्री हों या आलाधिकारी, सभी इसी ओर आते हैं। उनकी नजरों से दूर चिड़ियाघर और देवरिया रोड की तरफ पूरा ताल जलकुंभी से पटा पड़ा है। ठीक यही हाल पैडलेगंज पुलिस चौकी व रेलवे कॉलोनी के पीछे है। मोहद्दीपुर-कूड़ाघाट की तरफ ताल में जलकुंभी ही जलकुंभी दिख रही है। सहारा इस्टेट परिसर के किनारे ताल में गंदगी फैली हुई है।
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रामगढ़ताल। - फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा रामगढ़ताल में सी-प्लेन उतारने की है। स्पोर्ट्स कांप्लेक्स भी बन रहा है। वाटर स्पोर्ट्स की सारी सुविधाएं मुहैया कराने की कवायद चल रही है। बोटिंग की सुविधा मिली हुई है, लेकिन कई बार जलकुंभी बाधा बनती है। इसी लिहाज से वेटलैंड में शामिल रामगढ़ताल की साफ-सफाई व व्यवस्था की पड़ताल की गई। पता चला कि रामगढ़ताल के कुछ हिस्से को छोड़कर बाकी हिस्से की साफ-सफाई खानापूर्ति तक सीमित है। ताल के ज्यादातर हिस्से पर जलकुंभी का साम्राज्य कायम है। 
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जलकुंभी से पटा पड़ा है रामगढ़ताल। - फोटो : अमर उजाला।
200 करोड़ की लागत से सुंदरीकरण, फिर भी जलकुंभी का ग्रहण
रामगढ़ताल का करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से सुंदरीकरण कराया गया, लेकिन इसकी खूबसूरती पर जलकुंभी का ग्रहण लगा है। 1700 एकड़ क्षेत्र में फैले इस ताल में इन दिनों नौकायन छोड़ चौतरफा जलकुंभी का राज है।

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रामगढ़ताल। - फोटो : अमर उजाला।
ताल के संरक्षण के लिए हुआ था आंदोलन
गंदगी और अतिक्रमण से सिमटे रामगढ़ताल में वर्ष 2008 में मछलियां मरीं थीं। इसके बाद शहर के लोगों ने ताल के संरक्षण के लिए आंदोलन किया था। लिहाजा, रामगढ़ताल परियोजना की शुरूआत हुई थी। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करा रहे हैं। इसी वजह से ताल के चारों तरफ बोल्डर पिचिंग का काम कराया गया है।
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रामगढ़ताल की साफ-सफाई पर बोले युवा। - फोटो : अमर उजाला।
पब्लिक की बात
  • सोनबरसा के सतीश शर्मा ने बताया कि सर्किट हाउस रोड के किनारे ताल में साफ-सफाई अच्छी है। ऐसे ही सभी तरफ होनी चाहिए। सिर्फ एक तरफ की सफाई से भला नहीं होगा।
  • बांसगांव के शहाबुद्दीन ने बताया कि चिड़ियाघर में वन्य जीव आ गए हैं। जल्द ही लोकार्पण होगा। चिड़ियाघर के आसपास व देवरिया रोड से सटे ताल में जलकुंभी ही जलकुंभी है। इसका संदेश गलत जा रहा है। पर्यटकों का मोहभंग हो सकता है।
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रामगढ़ताल की साफ-सफाई पर बोले युवा। - फोटो : अमर उजाला।
  • रुस्तमपुर शिवम दत्त मिश्रा ने बताया कि करोड़ों रुपये से ताल का सुंदरीकरण कराया गया है। इसकी नियमित सफाई कराई जानी चाहिए। जलकुंभी ने ताल की खूबसूरती पर ग्रहण लगा दिया है।
  • बशारतपुर के नीरज चौधरी ने बताया कि रामगढ़ताल में जलकुंभी ज्यादा होगी तो सिल्ट भी बढ़ेगी। इससे पानी में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है। ऐसा हुआ तो जलीय जीवों को नुकसान होगा। ताल की हर तरफ से सफाई होनी चाहिए।
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रामगढ़ताल। - फोटो : अमर उजाला।
जीडीए सचिव राम सिंह गौतम ने बताया कि नौकायन केंद्र की तरफ से सफाई शुरू कराई गई थी। सफाई पूरी हो गई थी, लेकिन हवा चलने से पूरब की तरफ से जलकुंभी बहकर नौकायन केंद्र की तरफ आ जा रही है। जल्द ही चारों तरफ की सफाई हो जाएगी। इसके बाद समस्या से निजात मिलने की उम्मीद है। एक्सपर्ट फर्म को भी यह काम सौंपने पर विचार चल रहा है।
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