मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार शाम पांडेयहाता से निकलने वाले होलिकादहन जुलूस और 19 मार्च की सुबह घंटाघर से निकलने वाली भगवान नृसिंह होलिकोत्सव शोभायात्रा में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भाजपा को शानदार जीत मिली है। वह जीत के बाद पहली बार गोरखपुर आ रहे हैं। लिहाजा, होलिकोत्सव का रंग और चटख होगा। शोभायात्रा अभूतपूर्व विजय जुलूस के रूप में निकलेगी। इसकी तैयारियों में भाजपा, आरएसएस के कार्यकर्ता जुटे हैं।
उमंग व उल्लास का पर्व होली गोरक्षपीठ के सामाजिक समरसता अभियान का ही एक हिस्सा है। इस पीठ की विशेषताओं में छुआछूत, जातीय भेदभाव और ऊंचनीच की खाई पाटने का जिक्र सतत होता रहा है। नाथपंथ का मूल लोक कल्याण है। ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ, ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के इस अभियान की पताका वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फहरा रहे हैं। गोरक्षपीठ की अगुवाई वाला रंगोत्सव सामाजिक संदेश के ध्येय से विशिष्ट है।