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Umesh Pal Hatyakand: गुड्डू ने चीनी मिल मैनेजर का अपहरण कर मांगी थी 55 लाख की फिरौती, एक साल जेल में था बंद

Thu, 02 Mar 2023 10:27 AM IST
vivek shukla रोहित सिंह, गोरखपुर।
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बाएं उमेश पाल, दाएं इनसेट में आरोपी गुड्डू। - फोटो : अमर उजाला।
गुड्डू मुस्लिम उर्फ बमबाज ने 20 साल पहले देवरिया के चीनी मिल मैनेजर का अपहरण कर लिया था। इसके बदले 55 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। लखनऊ के एक शातिर बदमाश ने यह अपहरण कराया था। मामले की जांच में जुटे तत्कालीन एसओजी प्रभारी को प्रयागराज कचहरी के सामने देखते ही भाग गुड्डू फरार हो गया था। इधर, पता चला कि चीनी मिल मैनेजर भी घर पहुंच चुका है। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देने से इनकार कर दिया, इसलिए इस घटना का रिकॉर्ड नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
तत्कालीन एसओजी टीम के सूत्र के मुताबिक, वर्ष 2003 में चीनी मिल के मैनेजर के अपहरण की सूचना परिजनों को लखनऊ के एक बदमाश की तरफ से मिली। इसकी सूचना पुलिस को नहीं देने की चेतावनी दी गई। लेकिन, एसओजी टीम को घटना की जानकारी हो गई। परिवार के किसी सदस्य को बिना बताए ही एसओजी की सर्विलांस टीम पूरे मामले पर नजर रखने लगी।

 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : iStock
सर्विलांस टीम की मदद से पता चला कि प्रयागराज कचहरी के सामने फिरौती की रकम दी जानी है। परिवार के सदस्य पहुंचते, उससे पहले गोरखपुर एसओजी की टीम भी पहुंच गई थी। तत्कालीन एसओजी प्रभारी ओपी तिवारी ने बताया कि कचहरी पहुंचते ही गुड्डू ने उन्हें देखते ही रास्ता बदल दिया। उसका पीछा किया गया लेकिन वह फरार हो गया।

 

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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि बाद में पता चला कि चीनी मिल मैनेजर सकुशल अपने घर पहुंच चुका है। परिजन कोई कार्रवाई नहीं चाहते थे। इसलिए मामले में कोई केस दर्ज नहीं हुआ।

 
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- फोटो : फाइल फोटो
जेल में एक साल तक रहा गुड्डू
जेलर, मंडलीय कारागार एके कुशवाहा ने बताया कि 2001 में एक बार एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में गुड्डू मुस्लिम जेल में बंद हुआ था। एक साल तक वह जेल में रहा। जेल में उस दौरान उससे मिलने बेहद कम लोग ही आते थे। हालांकि शहर और आसपास के जिलों में कहीं भी बमबाजी की घटना होती थी तो वहां की पुलिस गुड्डू से पूछताछ जरूर करने आती थी।
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