मौके पर जुटी भीड़।
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बता दें कि जिस तरह से रविवार को गगहा में सूचना देने के बाद भी पुलिस गांव में नहीं गई, समझौते में व्यस्त थी और फिर मां-बेटे की हत्या हो गई, कुछ वैसी ही लापरवाही झंगहा में भी सामने आई है। यहां पर भी तीन महीने पहले जिस अनिरुद्ध ने विवाद होने के बाद थाने में फरियाद की थी और पुलिस बातचीत कराकर समझौता करा दी, अब उसकी हत्या हो गई। परिवार और गांववालों का गुस्सा यही है कि पुलिस तभी कार्रवाई की होती तो शायद ऐसी घटना नहीं होती। इसी गुस्से की वजह से शव लेकर थाने पर प्रदर्शन किया गया।
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