गोरखपुर जिले की दो प्रमुख नदियों राप्ती और गोर्रा का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर है। जबकि दो नदियों रोहिन और घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। मगर घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने और राप्ती व गोर्रा का जलस्तर धीरे-धीरे नीचे की तरफ आने से बाढ़ प्रभावित इलाकों से पानी नहीं निकल पा रहा है। इस कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगभग हर साल बाढ़ को झेलने वाले लोग भी मान रहे हैं कि इस साल राप्ती नदी बहुत धीमी गति से नीचे आ रही है। जबकि हर साल उसका पानी जितनी तेजी से ऊपर चढ़ता था उतनी ही तेजी से नीचे आ जाता था। राप्ती नदी शुक्रवार के इस साल के उच्चतम जलस्तर खतरे के निशान से 2.34 मीटर से 95 सेमी नीचे आ गई। फिर भी वह खतरे के निशान से 1.39 मीटर ऊपर बह रही है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
नदी का पानी नीचे आने के बाद कई स्थानों पर कटान होने लगा है, लेकिन सिंचाई विभाग सतर्क है। जहां भी रिसाव हो रहा है उसे ठीक किया जा रहा है। दूसरी तरफ घाघरा नदी का जलस्तर गुरुवार से ऊपर की तरफ आ रहा है। फिर भी वह खतरे के निशान से 22 सेमी नीचे बह रही है। एक दिन पहले वह खतरे के निशान से 37 सेमी नीचे थी। रोहिन नदी तेजी से नीचे आते हुए खतरे के निशान से 1.85 मीटर नीचे बह रही है। गोर्रा नदी धीरे-धीरे नीचे आ रही है। वह खतरे के निशान से 1.15 मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारी अब राहत महसूस कर रहे हैं, मगर वह नजर गड़ाए हुए हैं। यदि किसी स्थान पर हल्का भी रिसाव हो रहा है तो उसे तुरंत ठीक किया जा रहा है।
गोरखपुर में बाढ़ के पानी में नहाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय ने बताया कि जहां से घाघरा निकली है वहां बारिश हुई है, इस कारण उसका पानी थोड़ा बढ़ा है। जिस नदी के क्षेत्र में बारिश होगी वह थोड़ा ऊपर होगी। जब तक बारिश रहेगी नदियां नीचे-ऊपर होती रहेंगी, लेकिन अब चिंता की बात नहीं है। पहले वाली स्थिति नहीं आने वाली है। राप्ती का पानी खतरे के निशान से सवा मीटर से अधिक ऊपर बह रहा है। सतर्कता पहले की तरह जारी है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
बाढ़ प्रभावित गांवों की भी संख्या घटने लगी
जिले में नदियों के जलस्तर के साथ ही अब बाढ़ प्रभावित गांवों की भी संख्या घटने लगी है। गुरुवार को जिले में बाढ़ प्रभावित गांवों की कुल संख्या 391 थी जो शुक्रवार को घटकर 384 हो गई। सदर और चौरीचौरा तहसील के सात गांव बाढ़ से मुक्त हो गए हैं। आपदा विभाग की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में बाढ़ से 3.12 लाख की आबादी प्रभावित हैं। करीब 56240 हेक्टेअर क्षेत्रफल बाढ़ की चपेट में है। अब तक सदर तहसील में सबसे ज्यादा 92 गांव जबकि चौरीचौरा व खजनी में सबसे कम क्रमश: 30 व 34 गांव प्रभावित हैं। इसी तरह सहजनवां में 44, कैंपियरगंज में 62, बांसगांव में 47 और गोला में 75 गांव प्रभावित हैं।
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