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कुदरत का कहर: गोरखपुर की छह नदियां जल तांडव को बेताब, रोहिन का जलस्तर खतरनाक, तस्वीरों में देखें रौद्र रूप

Tue, 31 Aug 2021 11:08 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
राप्ती और रोहिन समेत गोरखपुर जिले से होकर बहने वाली छह नदियां जल तांडव को बेताब हैं। इनके जलस्तर में रिकार्ड बढ़ोतरी हुई है। इससे बाढ़ का दायरा और बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। सबसे ज्यादा खतरनाक स्थिति में रोहिन नदी है। इसका जलस्तर खतरे के निशान से 2.44 मीटर ऊपर तक पहुंच गया है। राप्ती नदी भी खतरे के निशान से 1.59 मीटर ऊपर पहुंच गई है।

रोहिन का जलस्तर खतरनाक तरीके से बढ़ने से बंधों से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। कई बंधों के कटान का खतरा है। कई संपर्क मार्ग बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इससे आवागमन बाधित है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक बाढ़ की चपेट में जिले के सातों तहसीलों के 179 गांव आए हैं। इन गांवों के 1,88,180 लोग प्रभावित हैं। अब तक 27,640 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। कई इलाके टापू बन गए हैं। सिर्फ पानी ही दिख रहा है। नदियों के रौद्र रूप को देखकर आसपास के रहवासियों की आंखों से नींद उड़ गई है और धुकधुकी बेहिसाब बढ़ गई हैं।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
केंद्रीय जल आयोग ने जो आंकड़ा जारी किया है, वह डराने वाला है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अगर 99 सेंटीमीटर जलस्तर और बढ़ा तो 1998 जैसी बाढ़ आ आएगी। तेज बहाव व जलस्तर बढ़ने से राप्ती नदी के बंधों पर भी जबरदस्त दबाव है। डोमिनगढ़ पुल के आसपास कटान देखने को मिला है। तेज बहाव वाला पानी रेलवे ट्रैक छूने को बेताब दिख रहा है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
बहरामपुर व उत्तरी कोलिया गांव के आसपास बंधों पर पानी का रिसाव हो रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर से सटे अमरुतानी में भी बाढ़ का पानी आ गया है। इससे शहरी क्षेत्र के लोग भी दहशतजदा हैं। राजघाट पुलिस लगातार जलस्तर की रिपोर्ट आला अफसरों को दे रही है। सरयू नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। यह नदी खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बह रही है।

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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
गोर्रा नदी खतरे के निशान से 95 सेमी ऊपर पहुंच गई है। यह नदी रविवार के मुकाबले 15 सेंटीमीटर ऊपर चढ़ी है। सहजनवां तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली आमी नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। इसका पानी कई संपर्क मार्गों पर चढ़ गया है। इससे आवागमन बाधित है।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि भयभीत होने की जरूरत नहीं है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में राहत-बचाव कार्य चल रहा है। राशन के पैकेट बांटे जा रहे हैं। बंधों की लगातार निगरानी की जा रही हैं। जहां बंधों से रिसाव हो रहा है, उसे बंद कराया जा रहा है। 86 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। मेडिकल टीमें भी काम रही हैं।            
 
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता दिनेश सिंह ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रोहिन नदी का जलस्तर काफी बढ़ा है। बंधों पर दबाव बढ़ा है। कई स्थानों पर पानी का रिसाव हो रहा था। विभागीय अधिकारी, इंजीनियर व कर्मचारी रिसाव बंद कर रहे हैं। स्थिति गंभीर है। निगरानी की जा रही है। जलस्तर स्थिर या कम होने के संकेत नहीं मिले हैं।
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गोरखपुर में बाढ़। - फोटो : अमर उजाला।
सरयू, गोर्रा व आमी नदी ने भी डराया  
सरयू नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। यह नदी खतरे के निशान से 50 सेमी ऊपर बह रही है। इससे तमाम गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। सबसे अधिक गोला तहसील के बड़हलगंज ब्लॉक में पड़ा है। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है। रविवार को जो नदी खतरे के निशान से 41 सेंटीमीटर ऊपर थी, वह अब 50 सेंटीमीटर पहुंच गई है।

गोर्रा नदी भी खतरे के निशान से 95 सेमी ऊपर पहुंच गई है। इस नदी का जलस्तर रविवार को 80 सेंटीमीटर ज्यादा था। इसका मतलब है कि जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ा है। 2017 में जलस्तर बढ़ने की वजह से गोर्रा का बंधा टूटा था। तब भारी तबाही मची थी। अगर जलस्तर बढ़ने का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है। कई स्थानों पर कटान कर रही है। जब तक नदी का पानी बढ़ता रहेगा खतरा बढ़ता ही जाएगा। सहजनवां तहसील क्षेत्र से होकर बहने वाली आमी नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। इसका पानी कई संपर्क मार्गों पर चढ़ गया है। इससे आवागमन बाधित है।
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