नेपाल राष्ट्र के हिमालय पर्वत की चोटियों से निकली नारायणी नदी के तट एवं सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग अंतर्गत निचलौल रेंज के मनोरम वादियों के बीच स्थित दर्जिनिया ताल तेजी से विकसित हो रहा है। मनोरम वादियों के बीच बने दर्जिनिया ताल में मगरमच्छों को देखने के लिए नेपाल राष्ट्र व बिहार राज्य सहित दूर दराज के अन्य जिले से पर्यटक आते हैं। हालांकि अभी कोरोना काल में यहां पर्यटकों की संख्या ना के बराबर है। दर्जिनिया के निकट नारायणी नदी का तट भी है। जहां पर पर्यटक घड़ियालों का भी नजारा लेकर लुफ्त उठाते हैं। इसके अलावा वन विभाग की तरफ से दर्जिनिया पर मगरमच्छों को निकट से देखने के लिए एक वाच टॉवर व दूरबीन की व्यवस्था की है। यहां पर फूल पत्तियों व फलों के दर्जनों पौधे लगाए गए हैं।
महराजगंज जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर इंडो नेपाल बॉर्डर से सटे नारायणी नदी के किनारे मुसहर बस्ती गेड़हवा के पास स्थित दर्जिनिया ताल के मगरमच्छ तथा नारायणी नदी के घड़ियाल पर्यटकों के आर्कषण का केंद्र बना है। ताल में निर्मित टीलों पर अपने बच्चों के साथ खेलते व झुंडों में दहाड़ मारते मगरमच्छ लुभावने लगते है। जब मगरमच्छ अपने शिकार के लिए टीलों से पानी मे छलांग लगाते है, तो नजारा देखते ही बनता है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...