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Exclusive: किसानों के लिए वरदान साबित होगी स्वीट व बेबी कॉर्न की खेती, जानिए क्या है इसकी खासियत

Tue, 08 Jun 2021 10:24 AM IST
vivek shukla प्रदीप अग्रहरि, फरेंदा (महराजगंज)।
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स्वीट कॉर्न की फसल। - फोटो : अमर उजाला।
महराजगंज जिले में पहली बार उगाई गई स्वीट और बेबी कॉर्न की फसल किसानों के लिए मालामाल करने वाली खेती साबित होगी। इसकी खेती कर किसान कम लागत व कम समय में अच्छा मुनाफा भी कमा सकते हैं। हरियाणा और पंजाब के किसान बेबी व स्वीट कॉर्न की खेती कर मालामाल हो रहे हैं।  अब पूर्वांचल के किसानों ने भी इसकी शुरुआत कर दी है। क्षेत्र के किसान महदेवा गांव में इसकी खेती को देखकर सीखने के प्रयास में जुटे हैं।

फरेंदा कस्बे में इफ्को ई- बाजार किसान सेवा केंद्र प्रभारी रोहित सिंह तोमर है। इंडियन काउंसिल एग्रीकल्चर रिसर्च मेले में भ्रमण के दौरान उनके मन में स्वीट कार्न के साथ बेबी कार्न की खेती करने का विचार आया। उन्होंने बताया कि मेले से लौटने के बाद मार्च माह में फरेंदा के महदेवा के एक किसान से लीज पर एक एकड़ खेत लिए, जिसमें स्वीट व बेबी कॉर्न की खेती के साथ छह अन्य प्रकार ट्रायल में लाल भिंडी, बिंस, धनिया, कद्दू व खीरे की खेती की। परिणाम भी काफी बेहतर रहा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के किसान प्रत्येक दिन इस खेती के बारे में जानकारी हासिल करने आते हैं। 
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स्वीट कॉर्न की फसल दिखाते रोहित सिंह तोमर। - फोटो : अमर उजाला।
कृषि विज्ञान केंद्र मनिकापुर गोंडा के कृषि वैज्ञानिक डॉ. रामलखन सिंह ने बताया कि स्वीट कॉर्न का बीज 4 किग्रा और बेबी कॉर्न बीज 8 किग्रा प्रति एकड़ में बीज लगता है। कतार से कतार की दूरी 65 से 75 सेमी व पौधो से पौधों की दूरी 20 से 25 सेमी की दूरी होनी चाहिए। एक एकड़ की खेती में करीब दस से 12 हजार की लागत आएगा और पचास हजार से एक लाख रुपये तक आमदनी होगी।
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स्वीट कॉर्न की फसल। - फोटो : अमर उजाला।
पशु चिकित्साधिकारी फरेंदा डॉ. पदममणि त्रिपाठी ने बताया कि स्वीट कॉर्न में पर्याप्त मात्रा में विटमिन, प्रोटीन भरा होता है। दुधारू पशुओं को खिलाने से उनके अंदर बांझपन की बीमारी से निजात मिलेगा। चाट की तरह बना कर इसका प्रयोग किया जा सकता है।

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स्वीट कॉर्न की फसल दिखाते रोहित सिंह तोमर। - फोटो : अमर उजाला।
दिल्ली से मंगाना पड़ा बीज
रोहित सिंह तोमर ने बताया कि उन्होंने मार्च में इसकी बुआई हुई थी। 5 मई को फसल तैयार हो गई। स्वीट कॉर्न के डिस को सैलानी बड़े ही चाव से खाते हैं। स्वीट व बेबी कॉर्न का बीज आजादपुर मंडी (दिल्ली) के एक दुकान से तीन हजार रुपये किलोग्राम व बेबी कॉर्न एक हजार रुपये किलोग्राम की दर से खरीदा गया था।
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स्वीट कॉर्न की फसल। - फोटो : अमर उजाला।
रोहित सिंह ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व हुई बारिश से फसल को नुकसान हुआ है। खेत में पानी भी भर गया, जिससे समय से पहले फसल को तोड़ने का कार्य शुरू करना पड़ा।
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