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शबनम-सलीम की हैवानियत से कम नहीं है इस प्रेमी युगल की कहानी, प्यार में अंधी मां बनी थी हत्यारन

Thu, 18 Feb 2021 05:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
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शबनम-सलीम (बांए), मध्य में पति के साथ अर्चना व अर्चना और प्रेमी अजय यादव (दांए)। - फोटो : अमर उजाला।
देश की चर्चित बावनखेड़ी हत्याकांड की खलनायिका शबनम व उसके प्रेमी सलीम को फांसी होने वाली है। ऐसे में हम आपको उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की एक ऐसी सच्ची घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जो शबनम और सलीम की कहानी से कम नहीं है। यहां एक महिला ने चार साल पहले अपने प्रेमी के साथ मिलकर पहले अपने पति की तड़पा-तड़पा कर मौत के घाट उतार दिया। इससे भी मन नहीं भरा तो उसने अपने एकलौते बेटे को मौत की नींद सुला दिय। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी कहानी...
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अर्चना यादव और पुलिस के गिरफ्त में प्रेमी अजय यादव।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
ये थी पूरी घटना
जनवरी 2016 को शाहपुर के बशारतपुर निवासी अर्चना के पति डॉक्टर ओमप्रकाश व उनके बेटे की घर में ही हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने ओमप्रकाश की मां बागेश्वरी देवी की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर अर्चना व उसके प्रेमी फिरोजाबाद निवासी अजय यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस ने बताया था कि अर्चना की दोस्ती फेसबुक के जरिए अजय से हुई थी। जब अर्चना अपने लखनऊ स्थित मायके जाती थी तो दोनों वहां छिप छिपकर मिलते थे।
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अपने पति और बेटे के साथ अर्चना यादव।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
पति को शक होने के बाद घटना की रात अजय वहां पहुंचा। अर्चना ने दरवाजा खोला फिर अजय घर के अंदर दाखिल हुआ। दोनों ने मिलकर घर में सो रहे ओमप्रकाश के सिर पर हथौड़ा मारकर मौत की के घाट उतार दिया था। इस दौरान बेटा नितिन जग गया। वह पिता को खून से लथपथ देख मां की गोद में छिप गया। लेकिन अर्चना ने उसका भी गला घोंटकर मार डाला। तभी से अर्चना और उसका प्रेमी अजय जेल में है। इनकी जमानत भी नहीं हुई। साक्ष्य के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर अपर सत्र न्यायाधीश ज्ञानप्रकाश शुक्ला ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी और आर्थिक जुर्माना भी लगाया था। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भी दी गई है।

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अर्चना यादव।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
पछतावा नहीं, जेल में भी एक-दूसरे से मिलने की देते रहे अर्जी
इस घिनौने कृत्य के बाद भी अर्चना और अजय को कोई पछतावा नहीं था। दोनों ने जेल में भी एक-दूसरे से मुलाकात करने के लिए कई बार अर्जी दी, लेकिन कानूनन दोनों के बीच कोई रिश्ता न होने के कारण कभी अनुमति नहीं दी गई।
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पुलिस के गिरफ्त में अजय यादव।(फाइल) - फोटो : अमर उजाला।
अंधे प्रेम में बन बैठे हत्यारे, एक-दूसरे के भी न हो सके
अर्चना और अजय जिस झूठे प्रेम में पड़कर कातिल तक बन गए, वह अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा। वारदात के चार साल बाद तक जेल में होने के कारण दोनों की कभी मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं अब बाकी बचा जीवन भी जेल में गुजरना है। कोई रिश्ता न होने के कारण दोनों को मिलने की इजाजत कानून भी नहीं देता है।
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