उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में छह साल के मासूम का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। शनिवार की रात में बालक का शव गांव के पास खेत में दफन मिला तो इलाके में हड़कंप मच गया। परिजनों की दहाड़ सुनकर वहां मौजूद हर कोई रो पड़ा। आरोप है कि पट्टीदार और रिश्ते में चाचा लगने वाले किशोर ने बच्चे का अपहरण करके 50 लाख की फिरौती मांगी थी। रकम नहीं मिलने पर उसने बच्चे की हत्या कर दी।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
कोतवाली थाना क्षेत्र के बांसपार गांव के टोला भुलनापुर के छह साल के पीयूष का अपहरण बीते नौ दिसंबर को हुआ था। शनिवार की रात में कोतवाली पुलिस मासूम के शव को जैसे ही पोस्टमार्टम के लिए ले गई। मासूम के पिता कृष्णा गुप्ता परिजनों के साथ कोतवाली पहुंचे। यहां रोते बिलखते सभी लोगों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। परिजनों ने कहा कि इस मामले में कोतवाली पुलिस ने शुरू में गंभीरता नहीं दिखाई। यही कारण है कि पीयूष की हत्या कर दी गई।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
एसपी प्रदीप गुप्ता ने बताया कि परिजनों के आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस ने इस मामले में शुरू से ही गंभीरता दिखाई। आरोपी पीयूष का रिश्ते में चाचा लगता है। शुरू से ही मामला घरेलू लग रहा था। आरोपी ने पूछताछ में बताया है कि नौ दिसंबर को ही उसने पीयूष को दोपहर में खेत में ले जाकर हत्या कर दी थी। साथ ही शव को पुआल से ढ़क दिया था। रात में जब सब लोग सो गए तो वह घर से फावड़ा लेकर गया और शव को खेत में दफन कर दिया।
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पीयूष अपहरण हत्याकांड।
- फोटो : अमर उजाला।
चाचा के साथ घुल- मिलकर रहता था पीयूष
मृतक पीयूष अपने पट्टीदारी के चाचा के साथ ज्यादा रहता था। वह घर में सबसे ज्यादा उसी के करीब था। इसी का फायदा उसने उठाया। यही कारण है कि शुरूआत में किसी को उस पर शक नहीं हुआ।
फिरौती की रकम की चिठ्ठी लिखकर किया गुमराह
फिरौती की रकम के लिए चिठ्ठी लिखकर आरोपी ने मामले को बड़ा बनाने की कोशिश की। उसने सोचा की ऐसा करने से किसी को कोई शक नहीं होगा। लेकिन पुलिस ने घर में छानबीन शुरू की तो जांच में कॉपी मिली, जिसका फिरौती वाले पत्र से मिलान कराया गया। इसके बाद शक ज्यादा पुख्ता हुआ तो चाचा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू हुई। आरोपी ने बताया कि उसने स्वयं ही फिरौती वाली चिठ्ठी लिखी थी।