विधानसभा चुनाव-2022 की तैयारियों में जुटी बहुजन समाजवादी पार्टी (बसपा) ने गोरखपुर शहर से लेकर गांव स्तर पर नई टीम बनानी शुरू कर दी है। संगठनात्मक ढांचे में बदलाव पुराने फार्मूले पर किया जा रहा है। परंपरागत दलित वोटों को सहेजते हुए पिछड़े समाज पर अधिक फोकस किया जा रहा है। वहीं, भाईचारा कमेटियों में क्षेत्रवार सवर्ण समाज के लोगों को अहम जिम्मेदारियां दी जा रही हैं। पार्टी के रणनीतिकारों की मानें तो संगठन में जातीय संतुलन ही जीत का प्रमुख आधार बनेगा।
बसपा में इस समय जिला स्तर पर सेक्टर का गठन किया जा रहा है। एक सेक्टर में 10-12 बूथ हैं, जिसमें अध्यक्ष और सचिव का संतुलन जातिगत आधार पर साधा जा रहा है। इसके बाद उप-सेक्टर का गठन किया जाएगा, जिसमें बूथ प्रभारी व सचिव नियुक्ति किए जाएंगे। इसके बाद बूथ स्तर पर एक टीम बनाई जाएगी। वहीं, महानगर कमेटी में वार्ड स्तर पर संगठन को खड़ा किया जा रहा है। हर वार्ड से 25-25 ऐसे कार्यकर्ताओं को चुना जाएगा जो संगठन के कामकाज में सक्रिय रहे हैं। इनकी सूची बनाकर स्क्रीनिंग की जाएगी। प्रत्येक वार्ड में अध्यक्ष और महासचिव भी बनाए जाएंगे।
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ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के सेक्टर संयोजक अमर चंद दूबे, महानगर अध्यक्ष सुरेश भारती व जिलाध्यक्ष घनश्याम राही।
- फोटो : अमर उजाला।
एससी और सवर्ण को एक साथ लाने की जुगत
भाईचारा कमेटियों को वर्ष 2005 के फार्मूले पर तैयार किया जा रहा है। एससी और सवर्ण समाज को एक साथ लाने में पार्टी जुटी है। अभी विधानसभा स्तर पर ब्राह्मण, क्षत्रिय और ओबीसी की कमेटियां बनाई जा रही हैं। इसमें संयोजक सवर्ण समाज या ओबीसी से और उसके साथ सह संयोजक अनुसूचित जाति से रखा जाएगा। ब्राह्मण समाज से अमर चंद दुबे को गोरखपुर-बस्ती मंडल का सेक्टर संयोजक बनाया गया है। इसी प्रकार क्षत्रिय समाज से ज्ञान प्रकाश सिंह और ओबीसी से लालचंद निषाद को जिम्मेदारी दी गई है।
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महानगर अध्यक्ष सुरेश भारती
- फोटो : अमर उजाला।
महानगर अध्यक्ष सुरेश भारती ने बताया कि हर वार्ड में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना है। 25 सक्रिय कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। महानगर में 500 कार्यकर्ताओं की एक टीम बनानी है। सक्रिय युवाओं को ज्यादा महत्व दिया जाएगा। भाईचारा कमेटियों का गठन अलग से किया जा रहा है। तीन-चार महीने में महानगर की एक शक्तिशाली टीम तैयार कर लेंगे, इसका सीधा लाभ विधानसभा चुनाव में मिलेगा।
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जिलाध्यक्ष घनश्याम राही।
- फोटो : अमर उजाला।
जिलाध्यक्ष घनश्याम राही ने बताया कि सेक्टर स्तर पर गठन की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके बाद बूथ स्तर पर संगठन को नए सिरे से खड़ा किया जाएगा। पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जा रही है। जातिगत समीकरण को भी ध्यान में रखा गया है। सर्वसमाज को लेकर विधानसभा चुनाव से पहले एक मजबूत संगठन खड़ा कर लेंगे।
गोरखपुर-बस्ती मंडल के ब्राह्मण भाईचारा कमेटी के सेक्टर संयोजक अमर चंद दुबे ने बताया कि विधानसभा स्तर पर भाईचारा कमेटी का गठन पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर किया जा रहा है। छोटी-छोटी बैठकें करके सक्रिय लोगों को जोड़ने की कोशिश है। पुराने और अनुभवी लोगों को भी अहम जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि संगठन में युवा और अनुभव दोनों एक साथ मिलकर काम करें।