फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदूषण: गोरखपुर शहर पर धुंध की चादर बता रही कितनी बिगड़ गई हवा, टहलने से करें परहेज

Mon, 06 Nov 2023 12:07 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
विज्ञापन
1 of 7
गोरखपुर में प्रदूषण से धुंध की चादर। - फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर शहर की हवा में प्रदूषण का रंग और गाढ़ा होता जा रहा है। इसकी गवाही दे रही शहर पर छाई धुल और धुंध की चादर। मौसम के बदलाव से तापमान में गिरावट तो आ रही है, मगर शहर की हवा खराब होती जा रही है। उधर, नमी के कारण पाल्यूटेंट भारी होकर ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि इसकी वजह से दिनभर धुंध छाई रह रही है। ऐसे में सजग नहीं रहे तो बीमार होना तय है।

रविवार को शहर में एक्यूआई (279) खराब स्तर पर दर्ज की गई। शहर दिनभर धुंध की चादर में शहर ढका रहा। इसका सबसे ज्यादा असर रामगढ़ताल इलाके में नजर आया। यहां सर्किट हाउस रोड से मोहद्दीपुर का हिस्सा नजर ही नहीं आ रहा था।
विज्ञापन

2 of 7
गोरखपुर में प्रदूषण से धुंध की चादर। - फोटो : अमर उजाला।
विशेषज्ञों का कहना है कि नमी बढ़ने से धूल-धुआं के कारण धुंध छा रहा है। जाड़े के मौसम में तापमान गिरने से नमी बढ़ जाती है। इस वजह से हवा में पाल्यूटेंट (प्रदूषण फैलाने वाले कारकों) का प्रसार धीमा हो जाता है। इससे उनका घनत्व बढ़ जाता है। उनके वायुमंडल की ऊपरी सतह में नहीं जा पाने के कारण हवा प्रदूषित होती जाती है। निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल के अलावा वाहनाें के धुआं, आग जलाने, साफ-सफाई सहित अन्य कारणों से प्रदूषण बढ़ जाता है। इसका असर शहर में नजर आ रहा है।

इसे भी पढ़ें: सांसदों की जगह दूसरों को ट्रेन की सवारी कराने में टीटीई निलंबित, जानिए पूरा मामला
 
विज्ञापन

3 of 7
गोरखपुर में प्रदूषण से धुंध की चादर। - फोटो : अमर उजाला।
धुंध की चादर ऐसी कि पास भी कुछ नजर नहीं आया
रविवार को शहर में धुंध की चादर छाई रही। रिहायशी इलाकों में यह कम रहा, लेकिन रामगढ़ताल के आसपास इसका जबरदस्त असर नजर आया। सुबह 11.00 बजे रामगढ़ताल किनारे सर्किट हाउस रोड से मोहद्दीपुर की ओर कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। धुंध के कारण इमारतें छिप गई थीं। इसका असर शाम तक बना रहा। ऐसी स्थिति आगे भी रहेगी। विशेषज्ञों ने बताया कि नवंबर और दिसंबर महीने में ऐसी स्थिति रहती है। वातावरण में नमी होने की वजह से प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का आकार बढ़ जा रहा है। इससे परदा बन जा रहा, जिससे दृश्यता कम हो जा रही है। ताल के ऊपर खाली जगह है। यहां पर पानी से भी वाष्प उठता है। इस कारण नमी (आर्द्रता) शहर के अन्य हिस्सों की अपेक्षा ज्यादा हो जाती है, जिससे धुंध की स्थिति है। दिन में सूर्य की तपिश भी कम हुई है। इससे नमी सूख नहीं पा रही। यह स्थिति आगे भी बनी रहेगी।

इसे भी पढ़ें: पति बना हैवान: नाली का रंग बता रहा कितने जघन्य तरीके से की हत्या, लोगों को नहीं हो रहा यकीन

4 of 7
गोरखपुर में प्रदूषण से धुंध की चादर। - फोटो : अमर उजाला।
इस प्रदूषण वाले माहौल में टहलने से करें परहेज
रविवार को आसमान में धुंध होने से बादलों जैसा अहसास हो रहा था। पहले तो लोगों को लगा कि मौसम का मिजाज बिगड़ रहा है। लेकिन धूल और धुएं से उठे प्रदूषण की वजह से फिजां बदली नजर आई। विशेषज्ञों का कहना प्रदूषण की अधिकता से ऐसा हो रहा है। प्रदूषण वायुमंडल के निचले स्तर पर है। इससे सुबह-सवेरे टहलने जाने में स्वास्थ्य को लाभ पहुंचने के बजाय नुकसान हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: आईएमए ने रचा कीर्तिमान, पहली महिला अध्यक्ष बनीं डॉ. स्मिता
विज्ञापन

5 of 7
गोरखपुर में प्रदूषण। - फोटो : अमर उजाला।
धुंध से निपटने के दिए गए हैं निर्देश
शहरों में एयर क्वालिटी माॅनीटरिंग के निर्देश अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने तीन नवंबर को जारी किए थे। उन्होंने गोरखपुर समेत 17 शहरों में धुंध बढ़ाने के कारणों की समीक्षा करके इस पर निगरानी रखने को कहा था, ताकि लोगों को वायु प्रदूषण से बचाया जा सके।

इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में हैवानियत: लापता बालिका पड़ोसी के घर तड़पती मिली...अस्पताल में तोड़ा दम
विज्ञापन

6 of 7
गोरखपुर में प्रदूषण से धुंध की चादर। - फोटो : अमर उजाला।
शहर की एक्यूआई पहुंची 279, खराब हुई हवा
मौसम में बदलाव के कारण शहर की हवा लगातार खराब होती जा रही है। बीते एक अक्तूबर को एक्यूआई संतोषजनक था। रविवार को एक्यूआई 279 पर पहुंच गया। इसे खराब स्तर का माना जाता है। हवा के इस स्तर से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। खासकर उनको, जिनको पहले से फेफड़े से संबंधित कोई रोग है। दमा इत्यादि से ग्रसित हैं।

इसे भी पढ़ें: अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2023: सपनों को पूरा करने का हौसला और ललक भी, उत्साहित दिखे विद्यार्थी
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
गाड़ियों की आवाजाही से उड़ने वाली धूल से राहगीरों को कर रही परेशान। - फोटो : अमर उजाला।
एक्यूआई का यह रहा स्तर
तारीख एक्यूआई प्रदर्शन
05 नवंबर 2023 279 खराब
04 नवंबर 2023 174 मध्यम
03 नवंबर 2023 222 खराब
02 नवंबर 2023 151 मध्यम
01 नवंबर 2023 74 संतोषजनक

क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी अनिल कुमार शर्मा ने कहा कि वातावरण में नमी के कारण एयर पाल्यूटेंट बड़े आकार के हो जा रहे हैं। यह ऊपर नहीं उठ पा रहे, जिससे एक परत बन जा रही है। इसका घनत्व बढ़ने से अदृश्यता की स्थिति है। रामगढ़ताल के ऊपर खाली स्थान है। यहां नमी अधिक होने की वजह से दोपहर में भी धुंध है। जबकि अन्य जगहों पर सुबह और शाम को इसका असर नजर आ रहा है। नवंबर से लेकर दिसंबर तक ऐसे हालात बने रह सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: रात में गुलाबी ठंड से सिहरन, सुबह छाई धुंध

चेष्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. नदीम अर्शद ने कहा कि धूल और धुएं के कारण जो धुंध छा रही है, वह अस्थमा रोगियों के लिए हानिकारक है। ऐसे मौसम में अस्थमा अटैक आना सामान्य बात है। इसलिए अस्थमा के मरीज धुंध व धूल से बचें और अपनी नियमित दवाएं लेते रहें।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें