बिग बॉस 15 सुर्खियों में बना हुआ है, क्योंकि घर में नई वाइल्ड कार्ड एंट्री हो गई है। टीवी की दो पॉपुलर अभिनेत्री यानी रश्मि देसाई और देवोलीना भट्टाचार्जी बिग बॉस 15 का हिस्सा बन गई हैं। दोनों ने घर में वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट के रूप में एंट्री की। रश्मि और देवोलीना के साथ अभिजीत बिचुकले भी घर में शामिल हो गए हैं। ऐसे में अब बिग बॉस के घर का माहौल पूरी तरह बदलने वाला है क्योंकि रश्मि और देवोलीना बिग बॉस 13 का भी हिस्सा रह चुकी हैं और इस बार भी दोनों घर में कंटेस्टेंट्स को कड़ी टक्कर देने वाली हैं।
बिग बॉस में जाने से पहले रश्मि देसाई ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत की। इस दौरान रश्मि देसाई ने कंटेस्टेंट्स को लेकर अपनी राय रखी। रश्मि ने करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश को अपना अच्छा दोस्त बताया। साथ ही उन्होंने प्रतीक सहजपाल के लिए ‘डमरू’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।
सवाल- आप बाहर तेजस्वी प्रकाश को सपोर्ट करती दिखीं और जब आप घर में आईं तो करण कुंद्रा को सेव किया... आपका गेम इनके आस पास रहेगा या अलग होगा?
उत्तर- मैंने घर में तेजस्वी को भी सपोर्ट किया था। वो मेरी बहुत अच्छी दोस्त है। मैंने उसके बारे मे बहुत कुछ बोला है। करण और मैं भी एक-दूसरे को काफी समय से जानते हैं। हम दोनों का अलग कंफर्ट है और पहली बात ये कि बिग बॉस में कभी कोई कंटेस्टेंट ग्रुप नहीं बना सकता है क्योंकि यहां पर कब क्या खेल होता है इस बारे में कोई नहीं बता सकता है। वाइल्ड कार्ड के लिए ये खेल और ज्यादा मुश्किल हो जाता है क्योंकि बाकी कंटेस्टेंस्ट्स खेल से शुरू से जुड़े होते हैं। मेरा जुड़ाव भी खेल के साथ आधे से हो रहा है। आप मुझे देखेंगे और शुरू से शो में शामिल कंटेस्टेंट को देखेंगे तो नजरिया बदलता है।
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रश्मि देसाई
- फोटो : instagram/imrashamidesai
दूसरी बात ये इस गेम में अलग अलग परिस्थितियां आती हैं। तो कहां आप कैसे रिएक्ट करते हैं ये नहीं पता। कोई आपको बोल दे कि मुझे आपसे बात नहीं करनी और ऐसा सबके साथ हो रहा है। मेरा मानना है सब कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है। मेरा मानना है कि अगर आपकी किसी के साथ बन रही है तो उसके साथ खेलों नहीं तो दूर हो जाओ।
सवाल- बिग बॉस 15 में आप जा रही हैं तो लोग आपके सीजन 13 वाले खेल को भी याद करेंगे, क्या आपका गेम बदलेगा?
उत्तर- मेरे खेल की तुलना नहीं कर सकते हैं। क्योंकि वो सीजन अलग था, वो लोग अलग थे और वो समय अलग था। बिग बॉस का घर अलग अलग लोगों से बनता है। इसलिए पहले सीजन से कोई लेना देना नहीं है। पुराना सीजन मेरे लिए सिर्फ एक उदाहरण रहेगा। क्योंकि उस वक्त का दौर अलग था और अभी का सीजन तो बिल्कुल अलग है। बिग बॉस 13 अलग था और बिग बिग 15 बिल्कुल अलग है।
सवाल- घर में आप देवोलीना भट्टाचार्जी के साथ आ रही हैं और शो को लेकर आपकी राय अलग है?
उत्तर- मेरी दोस्त है वो। हम साथ जा रहे हैं घर में। बाहर भी हमारी राय अलग अलग होती है। वो जब भी ट्वीट करती है तो काफी एग्रेसिव होकर करती है। लेकिन अभी हम घर में नहीं हैं तो हमें नहीं पता किसके साथ क्या हो रहा है। तो कोशिश करूंगी सबको समझने की। लेकिन हम दोनों में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।
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रश्मि देसाई
- फोटो : सोशल मीडिया
सवाल- शो को लेकर आपकी क्या स्ट्रैटजी है?
उत्तर: बिग बॉस को लेकर कोई स्ट्रैटजी नहीं है। अगर मैं शो में स्ट्रैटजी बनाकर जाऊंगी, तो उसी दिन बाहर हो जाऊंगी। इसलिए अच्छा है जाओ और वहां पर बिग बॉस आपको खुद रास्ता दे देते हैं।
सवाल- घर किसे टारगेट करेंगी?
उत्तर: मैं घर में उसे ही टारगेट करूंगी, जो मुझे टारगेट करेगा।
सवाल: प्रतीक सहजपाल के खेल को लेकर आपकी क्या राय है?
उत्तर: शुरू में मुझे वो ठीक लगते थे। लेकिन अब मुझे ऐसा लग रहा है कि वो एक ऐसा डमरू है जिसमें ना ताल है और ना ही सूर है लेकिन बस वो डमरू बजे जा रहा है।
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रश्मि देसाई
- फोटो : इंस्टाग्राम
सवाल- लेकिन देवीलोना प्रतीक को सपोर्ट करती हैं तो इसका असर आप पर होगा?
उत्तर: हां, ये चीज मैं मानती हूं कि हम दोनों की राय प्रतीक को लेकर एक नहीं है। जब मैं ओटीटी में गई थी तब वह बहुत अच्छे से बिहेव कर रहे थे। मैंने कई बार उन्हें गलत चीजों के खिलाफ बोलते देखा है। ऐसे में अब मैं अंदर जाऊंगी। तब हो सकता है मैं अलग प्रतीक को देखूं। इसलिए मैं प्रतीक के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहूंगी। लेकिन एक सच्चाई ये भी है कि प्रतीक एक मंझा हुआ खिलाड़ी है। पहले ओटीटी किया और अब तक बिग बॉस में टिका हुआ है।
सवाल: विशाल कोटियन को लेकर आपकी क्या राय है और क्या आप उन पर भरोसा करेंगी क्योंकि उनके पीठ पीछे बातें बहुत होती हैं?
उत्तर: वही तो बात है जब फैंस उनका खेल नहीं समझ पा रहे हैं। तो मैं क्या समझूंगी। मैं बिग बॉस में यही देखना चाहती हूं कि जब लोग पीठ पीछे बोलते हैं तो खेलने के लिए क्यों तैयार हो जाते हैं। मुझे भी इन चीजों को समझना है। मैं खेल में साफ रहूंगी। मैं खेल में किसी को दो तीन बार छोड़ दूंगी। लेकिन अगर मुझे लगेगा कि कोई मुझे ज्यादा ज्ञान दे रहा है। तो मैं उसे रास्ता भी दिखा देती हूं। मैं बोल देती हूं कि गलती हो गई कि आपसे दोस्ती कर ली। दोस्ती की है तो आप मेरे मालिक नहीं बन गए हैं।