शुगरकोटेड करेला
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अरनव केडिया, प्रसाद बोरकर, सॉरिन देसाई और विशाल अग्रवाल के लिए नाटकों से सजी ये शाम पहले प्रहसन ‘डेड स्टूडेंट सोसाइटी’ से शुरू हुई। कॉमेडी स्केचेज का ये शो कुछ कुछ पुअर थियेटर जैसा ही है, जिसमें सब कुछ कलाकारों को अपने शारीरिक हावभाव दिखाकर ही करना होता है। पंखा हो या ड्रम सब कुछ यूं निखारना होता है कि दर्शकों को लगे अमुक चीज वाकई मंच पर मौजूद है। कहानी कोटा में छात्रों के बार बार आत्महत्या करने की घटनाओं से प्रेरित है और तंज है सीधे सीधे उनसे कोचिंग संचालकों पर जिनका पूरा ध्यान पैसे पर है, बच्चों की जान की उन्हें कोई परवाह ही नहीं।