यात्रिस
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फिल्म ‘यात्रिस’ की कहानी शर्मा परिवार के मुखिया रघुबीर यादव के किरदार के इर्द गिर्द घूमती है, जो अपने परिवार की खुशी के लिए सबको थाईलैंड घुमाने के लिए लेकर जाता है। रघुवीर यादव अपने जीवन की पहली यात्रा एक जिक्र करते हुए कहते हैं, 'अभी तो एसी ट्रेनें हो गई हैं। एक जमाना था जब कोयले से चलने वाली इंजन की रेलगाड़ी से सफर करते थे और इंजन का कोयला बालों में ऐसे घुस जाता है, लेकिन उन छोटे छोटे कोयले के टुकड़े को बाल से निकालने में बहुत ही मचा आता था।'