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Jackie Shroff: 40 साल के करियर में जैकी ने निभाए हर तरह के किरदार, बोले- मुझे इसकी कोई परवाह नहीं थी, मैं...

Sun, 10 Dec 2023 10:10 AM IST
आकांक्षा गुप्ता एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

जैकी श्रॉफ ने हाल ही में एक बातचीत में बताया कि वह इस उम्र में भी प्रासंगिक बने रहने का प्रबंधन कैसे करते हैं। क्यों उन्होंने देवदास जैसी फिल्मों से मुख्य भूमिकाएं निभाना छोड़ दिया या मिशन कश्मीर जैसी फिल्मों में खलनायक की भूमिका क्यों निभाई।
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जैकी श्रॉफ - फोटो : अमर उजाला
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता जैकी श्रॉफ इन दिनों फिल्म 'मस्त में रहने का' को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। यह कॉमेडी ड्रामा फिल्म है। इस फिल्म में उनके साथ नीना गुप्ता नजर आई हैं। 66 साल के जैकी ने अपने 40 साल के करियर में 250 से ज्यादा फिल्में की हैं। 1983 में फिल्म हीरो से उन्होंने अपना डेब्यू किया था। उन्होंने अक्सर ऐसी भूमिकाएं निभाई हैं, जो जरूरी नहीं कि उन्हें मुख्य भूमिका में लाए। उनका मानना है कि यह अनुकूलनशीलता ही उनके लंबे करियर के लिए जिम्मेदार है।
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देवदास में जैकी श्रॉफ - फोटो : सोशल मीडिया
जैकी श्रॉफ ने हाल ही में एक बातचीत में बताया कि वह इस उम्र में भी प्रासंगिक बने रहने का प्रबंधन कैसे करते हैं। क्यों उन्होंने देवदास जैसी फिल्मों से मुख्य भूमिकाएं निभाना छोड़ दिया या मिशन कश्मीर जैसी फिल्मों में खलनायक की भूमिका क्यों निभाई। अभिनेता ने कहा, 'मस्त में रहने का नहीं तो क्या कोई और विकल्प है? दुख में जीने से मस्त होकर जीना बेहतर है। जनता को उदास लोग पसंद नहीं, वो आपके पास भी नहीं बैठेंगे। बहुत कम लोग हैं जो आपकी बात सुनते हैं, बाकी लोग चाहते हैं कि आप उनकी कहानियां सुनें।'  

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जैकी श्रॉफ - फोटो : अमर उजाला
बातचीत के दौरान जैकी से सवाल किया गया कि क्या वह मुख्य भूमिकाएं निभाना छोड़ देना चाहते हैं। जैकी श्रॉफ ने कहा, 'यह बहुत समय पहले हो चुका था। मैं मिशन कश्मीर और परिंदा में खलनायक बना। देवदास में एक अलग भूमिका निभाई, मुझे इससे कभी कोई फर्क नहीं पड़ा।' '

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फिल्म अभिनेता जैकी श्रॉफ - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा, 'मुझे इस बात की परवाह नहीं थी कि मैं फिल्म में कौन सी भूमिका निभा रहा हूं। तो क्या हुआ अगर फिल्म का नाम देवदास है, मैं चुन्नी बाबू था। तो, मेरे लिए यह वास्तव में कोई मायने नहीं रखता था। मैं हमेशा से ऐसा ही था। मैंने स्वामी दादा में एक जूनियर कलाकार के रूप में शुरुआत की थी'।
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जैकी श्रॉफ - फोटो : सोशल मीडिया
जैकी श्रॉफ ने आगे कहा, 'आज मैं जो कुछ भी हूं, मुझे लगता है कि मैंने एक लंबा सफर तय किया है। इसलिए मैं बहुत कृतज्ञता महसूस करता हूं। मैं नहीं बदला, मैंने इस मानसिकता के साथ इंडस्ट्री में प्रवेश किया था कि मुझे जो काम मिलेगा वह करूंगा, जो मेरे दिल को सही लगेगा वही करूंगा। इसलिए मिशन कश्मीर में खलनायक बनना, साईं बाबा में बाबा, यादें में पिता, रंगीला में रोमांस करना मेरे लिए स्वाभाविक था।' 

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