गुलशन कुमार
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दरअसल, बचपन में गुलशन कुमार जूस की दुकान पर अपने पिता का हाथ बंटाते थे और यहीं से उनका बिजनेस में इंट्रेस्ट हो गया और इस कमाई से उन्होंने कई अच्छे काम किए। गुलशन कुमार ने अपने धन का एक हिस्सा समाज सेवा के लिए दान करके एक मिसाल कायम की। उन्होंने वैष्णो देवी में एक भंडारे की स्थापना की जो आज भी तीर्थयात्रियों के लिए नि: शुल्क भोजन उपलब्ध कराता है। अपने संघर्ष के दम पर गुलशन कुमार ने सफलता की रोशनी को छुआ, वह आज के दौर में किसी और के लिए सोच पाना भी मुश्किल है, लेकिन गुलशन कुमार को क्या पता था कि उनकी यही सफलता कुछ लोगों को इस कदर खटकने लगेगी कि उन्हें ही एक दिन रास्ते से हटा दिया जाएगा।